पटना. पिछले कुछ दिनों से बिहार की नई महागठबंधन सरकार के मंत्री लगातार प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर हैं. भाजपा एक-एक कर सरकार में शामिल राजद कोटे के मंत्रियों के खिलाफ मोर्च खोलने में लगी है. भाजपा के नेता राजद कोटे के मंत्रियों पर दर्ज आपराधिक मामलों को प्रत्येक दिन गिनवाने में लगे हैं. अब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह पर बड़ा हमला बोला है.
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सुशील मोदी ने बिहार के कृषि मंत्री पर आरोपों की बौछार कर दी. सुशील मोदी ने कहा कि 2013 में वर्तमान कृषि मंत्री पर कैमूर जिले के रामगढ़ थाने में 5.31 करोड़ रुपये के चावल घोटाले का केस दर्ज किया गया था. भाजपा सांसद ने कहा कि सरकार का ब्याज समेत 12 करोड़ रुपये से अधिक सुधाकर सिंह पर बकाया है. सुशील मोदी ने कहा कि यह मामला इतना गंभीर है कि इसके लिए सुधाकर सिंह को जेल भी जाना पड़ा था लेकिन राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ने दो बेटे और प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने अपने बेटे को मंत्री बना दिया.

सुशील मोदी ने आशंका जताई कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहीं लालू यादव और जगदानंद सिंह के दबाव में कानून ही नहीं बदल दें. सुशील मोदी ने कहा कि सुधाकर सिंह पर जब केस दर्ज हुआ था तो इसके बाद उन्हें जिला से लेकर हाईकोर्ट तक राहत नहीं मिली था. मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट से सुधाकर बेल पर हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट नहीं दिया है. उन्होंने अदालत में 600000 जमा करवाए हैं तब उन्हें बेल मिल पाया है. सुधाकर राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे हैं और कैमूर जिले के रामगढ़ सीट से विधायक हैं. इसी सीट से जगदानंद भी राजद के विधायक रह चुके हैं.

सुशील मोदी ने कहा कि 60 लाख रुपये जमा करने पर सुधाकर को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी. सुधाकर की दो कंपनियों सोनवैली राइस मिल्स और सुधाकर राइस मिल्स पर 2013 में राज्य खाद्य निगम ने कैमूर जिले के रामगढ़ थाने में प्राथमिकी संख्या 184/13 धारा 420, 406 के तहत मुकदमा दर्ज है. इस एफआईआर में आरोप है कि सुधाकर सिंह द्वारा 5 करोड़ 30 लाख रुपए का गबन किया गया है. यह राज्य सरकार की संपत्ति का गबन है. मोदी ने कहा कि सुधाकर द्वारा आपराधिक कार्य किया गया है.
सुशील मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाले मुख्यमंत्री को सुधाकर सिंह को तत्काल बर्खास्त करना चाहिए.

सुशील मोदी ने इस मौके पर सुधाकर सिंह से कई सवाल भी किए और कहा कि क्या उन्होंने 60 लाख जमा कर इस मामले में तेल नहीं लिया था. क्या उन्होंने इस मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद लंबा समयसाल जेल में नहीं बताया था ?


