पटना. उत्तराखंड और उतर प्रदेश के साथ-साथ मध्य प्रदेश में हो रही मूसलधार बारिश का असर अब बिहार पर भी पड़ने लगा है. इसकी वजह से गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है जिससे गंगा के किनारे के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है. हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार खुद निगरानी कर रहे है और गंगा के जलस्तर को देख अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर रहे हैं.

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग लगातार अलर्ट मोड में है. कंट्रोल रूम बना कर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है. जल संसाधन विभाग के सचिव संजय अग्रवाल से बातचीत में कहा कि पिछले तीन दिन से लगातार गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही थी, लेकिन मंगलवार को यह स्थिर हुई है.

गांधी घाट में अभी भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. वहीं, दीघा घाट में गंगा का जलस्तर थोड़ा घटा है, लेकिन समस्या की बात यह है कि अभी भी मध्य प्रदेश में भारी बारिश हो रही है जिसकी वजह से सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है. सोन नदी मनेर के पास गंगा में मिलती है जिससे उसके जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है.

उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि फिलहाल मौसम विभाग ने जो अलर्ट जारी किया है वो थोड़ी राहत देने वाली है, लेकिन अगर बारिश हो जाती है तो जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है. अगर गंगा के जलस्तर में एक मीटर बढ़ोतरी हो जाती है तो उसके किनारे वाले इलाके में यह समस्या बन जाएगी. इसको ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग लगातार अलर्ट मोड में है और हर पल निगरानी रख रहा है.

हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को दोपहर बाद अचानक जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पटना के विभिन्न इलाकों में जाकर गंगा के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया. सीएम ने इस दौरान अधिकारियों को कई निर्देश दिये.


