बिहार के भोजपुर जिले में एक पांच दिन की मासूम बच्ची की मौत के बाद उसकी बुआ शव को गोद में लेकर शिवगंज स्थित दुर्गा माता की मंदिर पहुंच गई। मंदिर की गेट पर बैठकर मां दुर्गा से गुहार लगाने लगी। महिला को रोता बिलखता देखकर वहां आस पास लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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कई लोग सड़क पर खड़ा होकर मामले की जानकारी लेने लगे। लेकिन महिला बच्ची की शव को गोद में लेकर मां दुर्गा से गुहार लगाते रह गई। हालांकि थोड़ी देर के बाद परिजन मंदिर के गेट से लौट गए। पूरा मामला जिले के टाउन थाना क्षेत्र के शिवगंज स्थित दुर्गा मंदिर की है।

जहां जिले के पीरो थाना क्षेत्र के जितौरा बाजार निवासी चंदन केशरी का परिवार दुर्गा मंदिर 5 दिन की मासूम बच्ची का शव लेकर पहुंचा और फिर मां दुर्गा से जीवन की दुआ मांगने लगी। गेट बंद होने की वजह से चंदन की बहन गेट पर ही बैठ गई और मां दुर्गा से बच्ची की प्राण वापस करने की गुहार लगाने लगी। इस दौरान चंदन की बहन ने मां दुर्गा को इतना तक कह दिया कि जब दुनियां में जिंदा रखना जिंदा रखना ही नहीं था तो दिया क्यों।

इसको लेकर चंदन केशरी ने बताया कि पांच दिन पहले मेरी पत्नी खुशबू देवी को बच्ची हुई थी। बच्ची पीरो के एक निजी अस्पताल में हुई। लेकिन रविवार की रात अचानक उसकी तबियत बिगड़ने लगी। मासूम बच्ची का पेट में दर्द शुरू हुआ फिर गैस बनाने लगा। उसके बाद हम लोग इसे पीरो अस्पताल में इलाज के लिए ले गए।
जहां से आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन आरा सदर अस्पताल में ले आने के बाद डॉक्टर ने जांच करने के बाद मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद मेरी बहन शव को दुर्गा माता के मंदिर ले आई। चंदन गांव में ही अंडा बेचता है। उसने बताया कि यह उसी पहली बेटी थी। एक साल पहले 2021 में ही उसकी शादी खुशबू से हुई थी और पांच दिन पहले उसने बच्ची को जन्म दिया था।
चंदन ने बताया कि मेरी बहन मां दुर्गा की बहुत पूजा करती है। इसलिए मेरी बहन बच्ची की मौत के बाद अस्पताल से ही शव को लेकर माता के दरबार में आ गई। हालांकि चंदन अपनी बहन और परिवार के सदस्य को समझा बुझाकर घर ले गया।



