मंदिर में पुलिसवाला बना दूल्‍हा, SDPO से लेकर थानाध्‍यक्ष तक बने बाराती

भोजपुर के बिहिया में पुलिस की मौजूदगी में एक सिपाही ने अपनी प्रेमिका से प्रेम विवाह किया. जगदीशपुर एसडीपीओ, बिहिया थानाध्यक्ष समेत पुलिस स्‍टेशन के तमाम स्टाफ बतौर बाराती और सराती इसमें शामिल हुए. इलाके के लोग भी इस विवाह के साक्षी बने. लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद भी दिया. बिहिया थाने के लगभग सभी कर्मचारियों की उपस्थिति में सादे तरीके से संपन्न हुई. यह शादी बिना बैंड-बाजा और शहनाई के बहुत ही सादे तरीके से संपन्‍न हुई.

 पढ़ाई के दौरान रविंद्र को अपने गांव के पड़ोस में रहने वाली निशा से प्यार हो गया. उन्होंने शादी करने का फैसला कर लिया, लेकिन निशा के घरवाले इसके लिए तैयार नहीं हुए. बताया जाता है कि दो-तीन दिन पूर्व रविंद्र अपने गांव गया और निशा को लेकर बिहिया पहुंच गए. (फोटो: हिमांशु प्रवीण/न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

बिहिया थाने में तैनात सिपाही रविन्द्र चौधरी ने अपनी प्रेमिका निशा कुमारी के साथ वैवाहिक बंधन में बंधे. इस दौरान बाराती और साराती की भूमिका थाने के स्टाफ ने निभाई. बिल्कुल सादे तरीके से हुई इस शादी में प्रेमी जोड़े ने मंत्रोच्चारण के बीच एक-दूसरे को वरमाला पहनाया और मां महथिन को साक्षी मानकर जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने की कसम खाई.

शादी के बाद मौके पर पहुंचे जगदीशपुर एसडीपीओ श्याम किशोर रंजन और थानाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह समेत सभी थाना स्टाफ ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया. इस दौरान दूल्हे के माता-पिता तो शादी में नजर आए, लेकिन दुल्हन पक्ष से कोई भी शामिल नहीं हुआ.

पढ़ाई के दौरान रविंद्र को अपने गांव के पड़ोस में रहने वाली निशा से प्यार हो गया. उन्होंने शादी करने का फैसला कर लिया, लेकिन निशा के घरवाले इसके लिए तैयार नहीं हुए. बताया जाता है कि दो-तीन दिन पूर्व रविंद्र अपने गांव गया और निशा को लेकर बिहिया पहुंच गए.

रविन्द्र चौधरी ने अपने माता-पिता को फोन पर शादी के निर्णय से अवगत कराया. इसके बाद उनके माता-पिता भी बिहिया पहुंच गए. मामले की जानकारी मिलने के बाद बिहिया थाने में भी हड़कंप मच गया. थानाध्यक्ष ने सारी बातों को जानने के बाद शादी को अपनी स्‍वीकृति दे दी.

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