आज पटना में झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। राज्य के 12 जिलों में आज भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में दरभंगा, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, भोजपुर, जहानाबाद, मुंगेर, खगड़िया, सहरसा, मधुबनी, सुपौल और मधेपुरा शामिल हैं। वहीं भागलपुर, बांका और जमुई को छोड़ कर पूरे बिहार में आज मध्यम दर्जे की बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया है। इन जिला में बिजली गिरने को भी लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

पटना के अलावे वैशाली समेत कई इलाकों में दोपहर को हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई। इससे उमस भरी गर्मी से राहत तो मिली। लेकिन कई इलाकों में जल जमाव से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बाढ़ के पानी में बहकर आया मगरमच्छ
वहीं मुंगेर में बरियारपुर प्रखंड में बाढ़ के पानी में बहकर मगरमच्छ आ गया है। जिससे लोग डरे हुए हैं। लोगों ने वन विभाग से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द इस मगरमच्छ का रेस्क्यू करें। इधर गंगा नदी में आई बाढ़ का पानी तो निकल गया है, अब इलाके से बदबू आने लगी है। इससे महामारी की आशंका से पीड़ित सहम गए हैं। दुर्गंध इतनी खतरनाक है कि पानी के किनारे खड़ा रहना तक दूभर हो जाता है। बाढ़ के पानी के किनारे ऊंचे स्थानों पर गरीब की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद जारी है।

बागमती नदी खतरे के निशान से ऊपर
सीतामढ़ी में छह दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बागमती नदी कटौझा घाट पर खतरे के निशान के पार पहुंच गई है। लखनदेई नदी में उफान से शहर के राजोपट्टी, किशोरी नगर के साथ ही अन्य निचले इलाके में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। घरों में पानी घुसने की आशंका बढ़ गई है।

परिहार के हरदी व मरहा नदी के जलस्तर में हल्की कमी आई है। जिससे गांव से पानी अब नदी में सिमटने लगा है। लेकिन, अब भी परवारा-लालबंदी सड़क पर दो फीट पानी बह रहा है। बारिश से दलदल बनी धरती व बाढ़ पानी सिमटने से लहुरिया गांव का एक मकान गिरकर ध्वस्त हो गया।




