बगहा। गणेश चतुर्थी के दिन बगहा के काली स्थान मंदिर में गणेश जी की स्थापना की गई। जिस का समापन मंगलवार को कर दिया जाएगा। गणेश चतुर्दशी के दिन से ही मंदिर में हर दिन खास तरह के भोग लगाए जाते हैं। लेकिन इस साल इसके साथ ही प्रत्येक दिन एक बड़ा लड्डू चढ़ाया जा रहा है। जो पहले दिन 21 किलो का चढ़ाया गया है।
वही दूसरे दिन 51 किलो का इस तरह से सातवें और अंतिम दिन भगवान गणेश जी को चढ़ाने के लिए 56 प्रकार के मीठे भोजन के साथ 251 किलो का लड्डू भी तैयार किया जा रहा है। यह लड्डू शुद्ध देसी घी में तैयार किया जा है। ये लड्डू पिछले दो दिनों की मेहनत के बाद तैयार किए गए हैं। इसके लिए 10 लोगों की टीम ने लगातार काम कर रही है।
11 साल से गणेश चतुर्दशी के अवसर पर भगवान गणेश की प्रतिमा रखकर पूजन शुरू किया जाता है। जो 7 दिनों तक चलता है। मंदिर से जुड़े लोगो का कहना है कि यह परंपरा 10 साल पहले मंदिर में शुरू हुई थी। शुरुआत में कुछ कुछ भोग लगाया जाता था। लेकिन बाद में लड्डू के साथ कई प्रकार के भोग लगाना शुरू कर दिया गया है।
लगातार दो दिनों से लड्डू की बूंदी बनाने का काम चल रहा है। पूर्ण रूप से बूंदी बन जाने के बाद। इसमें सूखे फल डालकर लड्डू का रूप दिया जाएगा। इसके लिए एक बड़े आकार के परात का व्यवस्था किया गया है।
इसी बर्तन में लड्डू का निर्माण किया जाएगा। जिसे उठाने के लिए सात से आठ लोगों की जरूरत पड़ेगी। उन लोगों के द्वारा लड्डू को भगवान गणेश जी के पास पहुंचाया जाएगा। जिसे शाम का भोग लगाया जाएगा।
यह आयोजन पिछले दो साल से कोरोना के कारण रुका हुआ था। ऐसे में इस बार लोगों का उत्साह दोगुना हो गया। इस बार भक्तों ने बहुत उत्साह के साथ सहयोग किया है।जिसे देखते हुए प्रशासन का सहयोग लिया गया है।

