सीएम नीतीश कुमार ने किया फल्गु नदी पर बने गया जी डैम का उद्घाटन, कहा- विदेशी भी करेंगे तारीफ

गया. गया में बने देश के सबसे बड़े रबर डैम का उद्घाटन आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया. उद्घाटन के पहले सीएम नीतीश कुमार ने फल्गु नदी के किनारे पूजा-अर्चना की. बता दें कि फल्गु नदी पर बना यह डैम 400 मीटर चौड़ा और 3 मीटर ऊंचा है. इस डैम का निर्माण 312 करोड़ रुपए की लागत से हुआ है और इसका नाम ‘गया जी डैम’ रखा गया है.

उद्घाटन के पहले सीएम नीतीश कुमार ने फल्गु नदी के किनारे की पूजा-अर्चना.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रबर डैम का उद्घाटन करने के बाद कहा कि विदेश के लोग भी यहां की व्यवस्था की प्रशंसा करेंगे. उन्होंने कहा कि इस रबर डैम के बनने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि फल्गु नदी में यहां सालों भर पानी रहेगा.

नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि हम चाहते हैं कि हर घर तक गंगाजल पहुंचे और लोग खाना तक इसी गंगाजल में बनाएं. बता दें कि हाल के वर्षों में फल्गु नदी लगभग सूखी रहने लगी थी. यहां पिंडदान करने के लिए आनेवालों को फल्गु नदी में गड्ढा खोदकर पानी निकालना पड़ता था. इस डैम के बनने के बाद यहां सालों भर पानी जमा रहेगा.

नीतीश कुमार ने यहां उद्घाटन करने के बाद अपने भाषण में उस चर्चा को भी जगह दी, जिसमें उन्हें पीएम कैंडिडेट के तौर पर बताया जा रहा. नीतीश कुमार ने साफ तौर पर कहा कि हमारी कोई इच्छा नहीं प्रधानमंत्री बनने की.

इससे पहले रबर डैम के उद्घाटन समारोह की शुरुआत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के संबोधन भाषण से हुई. उन्होंने अपना संबोधन मगही में शुरू किया. मांझी की मगही ने लोगों का मन मोह लिया और उनके संबोधन पर तालियां खूब बजीं. जीतन राम मांझी ने अपने संबोधन भाषण में नीतीश कुमार को भारत का भावी पीएम बताया. साथ ही उन्होंने फल्गु नदी के दोनों किनारों पर सड़क बनाने की मांग भी की.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ इस उद्घाटन समारोह में डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी शरीक हुए. उन्होंने अपने भाषण में रबर डैम बनाने के लिए सीएम नीतीश कुमार ने धन्यवाद दिया. तेजस्वी ने कहा कि देश-विदेश के लोग इसे देखेंगे तो हमलोगों को गर्व होगा. उन्होंने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए जो काम किसी ने नहीं किया वो सीएम नीतीश कुमार पूरा करेंगे. तेजस्वी ने खुद के सीएम दावेदारी पर इशारों-इशारों में कहा – नीतीश कुमार ही बिहार के लिए काम करते रहेंगे. हमें जो जिम्मेदारी मिली है, वही मुझ पर भारी है.

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