सीतामढ़ी। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनन्त चतुर्दशी व्रत मनाने की परंपरा है। इस यह 9 सितम्बर शुक्रवार को है। इस दिन अनन्त सूत्र से भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है।
बाजार निवासी पंडित गुड्डू पांडेय ने बताया कि इस व्रत में स्नान करने बाद अक्षत, दूर्वा, शुद्ध रेशम या कपास के सुत से बने और हल्दी से रंगे हुए चौदह गांठ के अनन्त को सामने रखकर पूजा की जाती है।

पूजा के उपरांत पुरूष दाहिनी और स्त्री बायीं भुजा में पहनती हैं। इस व्रत में व्रती को निराहार रह कर अनंत सूत्र की पूजा सामूहिक रूप से भगवान विष्णु के सामने रखकर करने की परंपरा है।
शुक्रवार को सूर्याेदय से शाम 6.07 बजे तक अनंत चतुर्दशी का शुभ मुहूर्त है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार गुरुवार की रात 9.2 बजे भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि शुरू होगी।
यह शुक्रवार शाम शाम 6.07 बजे जाकर पूर्ण होगी। इसलिए सूर्याेदय की तिथि के अनुसार शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी का व्रत रखा गया है।



