बेतिया। नेपाल की 2 सगी बहनों के साथ बेतिया में गैं’गरेप की कोशिश हुई है। एक युवक ने बड़ी बहन के साथ शादी का झां’सा देकर रे’प किया। वो प्रेग्नेंट हो गई तो छो’ड़कर भाग निकला। बड़ी बहन की मदद के लिए छोटी बेतिया पहुंची। दोनों लड़के के घर गए। गांव के मुखिया ने दोनों को कुछ लड़कों के साथ भेज दिया। जहां दोनों लड़कों ने लड़कियों के साथ गैं’गरेप की कोशिश की।
लड़की ने बताया कि वो नेपाल के काठमांडू की रहने वाली है। उसकी बड़ी बहन अगस्त 2021 में बेतिया घूमने आई थी। उसी दौरान साठी थाना के रायबरवा गांव निवासी सोनू मियां से मुलाकात हुई। सोनू ने उसकी बहन को प्रे’मजाल में फां’स लिया और शादी का झां’सा देकर 10 दिन बेतिया ही में रखा। इसके बाद उसे लेकर नेपाल के पोखरा गया। वहां भी यौ’न-शो’षण करता रहा।
कई बार यौ’न-शो’षण करने से जब वह ग’र्भवती हो गई तो, नवंबर 2021 में उसको छोड़कर विदेश भाग गया। उसका पता लगाने के लिए मैं अपनी बहन के साथ 20 अगस्त 2022 को उसके घर गई। वहां सोनू के घर वाले हम दोनों बहनों को मा’रपीट कर भगा दिया।
इस बात का पता वहां के स्थानीय मुखिया पति बिरेंद्र उपाध्याय को लगा और वे हम-दोनों बहनों को उल्टा-सीधा समझाने लगे। उसके बाद मुखिया के पास मौजूद साठी के दीपू मिश्र एवं रायबरवा गांव के जितेंद्र यादव के साथ हम-दोनों बहनों को जाने के लिए कहा। दोनों युवक हम-दोनों बहनों को बेतिया लाए और एक सुनसान जगह पर एक घर में रख दिया।
रात में दोनों युवकों ने आकर मुझे पकड़ लिया और दु’ष्कर्म की कोशिश करने लगे। शोर सुनकर पास के कमरे मेरी बहन आई और वह भी शोर मचाने लगी। तब जाकर मेरी इज्जत बची। दोनों आरोपितों ने मुझे एवं मेरी बहन को चा’कू का भय दिखाकर मा’रा-पी’टा और चुपचाप नेपाल जाने को कहा। इस बात से ड’रकर हम-दोनों बहने नेपाल चले गए।
इधर, 6 सितंबर को फिर हम-दोनों बहने साठी पहुंचे तो मुखिया प्रतिनिधि वीरेंद्र उपाध्याय एवं उक्त दोनों आ’रोपी हम लोगों के साथ दु’र्व्यवहार करते हुए चले जाने की ध’मकी दी है। जिसके बाद मैंने साठी थाना में आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कराई है। मुखिया पति वीरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि दोनों महिला मेरे यहां आई हुई थी। बोल रही थी कि मेरा ऑपरेशन करके बच्चा हुआ है और हम लोग काफी तकलीफ में है। हमने कहा कि ठीक है हम बात करके आपका मामला मैं शॉट आउट कराएंगे। आप लोग अपने घर जाइए। दोनों ने कहा कि हमलोग के पास घर जाने के लिए पैसे नहीं है। मैंने मानवता के नाते उनको मदद में 2000 रुपए दे दिए और वह लोग मेरे यहां से चले गए। इधर पता चला है कि दोनों बहनें पूर्व मुखिया के साथ घू’म रही है। राजनीतिक ष’ड्यंत्र के तहत पूर्व मुखिया के बहकावे में आकर मुझ पर झूठा लांछन लगा रही है, जो बिल्कुल ग’लत है।
