पटना। मुख्यमंत्री ने कहा है कि विधि व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अ’पराध नियंत्रण में किसी प्रकार की को’ताही न बरतें। उन्होंने स्पीडी ट्रायल में तेजी लाने के साथ ही अ’पराध अनुसंधान कार्य को समय पर पूरा करने के लिए कहा। शनिवार को 1, अणे मार्ग के संकल्प में विधि-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए।
सीएम ने गंभीर आपराधिक घटनाओं पर की गई कार्रवाई के संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय को कहा कि वे हर रोज मीडिया को बताएं। सोशल मीडिया पर भी इसके संबंध में जानकारी दें। घटना की पूरी जानकारी, उस पर की जा रही कार्रवाई, घटना के विभिन्न पहलुओं के संबंध में विस्तारपूर्वक बताएं ताकि लोगों को सही जानकारी मिल सके।
थानों में लैंडलाइन फोन फंक्शनल रखें उन्होंने सभी थानों में लैंडलाइन फोन फंक्शनल रखने को कहा। अपराध अनुसंधान कार्य में तेजी लाएं और इसे ससमय पूर्ण करें ताकि दोषियों पर जल्द कार्रवाई हो सके। गश्ती व्यवस्था को और सुदृढ़ करें। बैठक में डीजीपी एसके सिंघल ने मुख्यमंत्री को अपराध नियंत्रण को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है। अपराध अनुसंधान के कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं।
पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया एडीजी मुख्यालय जेएस गंगवार, एडीजी सीआईडी जितेन्द्र कुमार एवं एडीजी विधि व्यवस्था संजय सिंह ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से गश्ती वाहन, पैदल गश्ती, स्पीडी ट्रायल में तेजी, भूमि विवाद निपटारा, कब्रिस्तान की घेराबंदी और सभी थानों में लैंडलाइन फोन का फंक्शनल होने और साइबर अपराध की रोकथाम हेतु की जा रही कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी।
गंगवार ने बताया कि बिहार में स्वीकृत पदों में बढ़ोतरी के बाद प्रति लाख की आबादी पर पुलिसकर्मियों की संख्या 192 हो जाएगी जबकि राष्ट्रीय मानक 193.95 है। पुलिस में महिलाओं को आरक्षण देने से महिला पुलिस और दारोगा की संख्या बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन से संबंधित आपसी विवाद को खत्म करने के लिए महीने में एक बार जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, 15 दिनों में एक बार एसडीओ और एसडीपीओ तथा सप्ताह में एक दिन अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष की नियमित रूप से होनेवाली बैठकों में समस्याओं का त्वरित निष्पादन करें। राज्य में 60 प्रतिशत से अधिक हत्याएं भूमि विवाद के कारण होती हैं। इसलिए लैंड सर्वे एंड सेटलमेंट का काम तेजी से हो ताकि भूमि विवाद को लेकर होनेवाले अपराध में कमी आए। कहा कि राष्ट्रीय मानक के अनुरूप प्रति एक लाख की आबादी पर पुलिसकर्मियों की स्वीकृत पदों की संख्या में बढ़ोतरी करने के लिए तेजी से काम करें।
