दहशत!: घरों में घुस रहा कब्र खोदकर ला’शों को खाने वाला यह जीव, नवजातों-बच्चों पर भी रहती है नजर

मुंगेली. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में दहशत फैली हुई है. कारण है एक ऐसे जीव जो इंसानों की कब्र खोदकर खा जाता है. यह नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को भी अकेले में निशाना बनाता है. लोरमी नगर के रिहायशी इलाके में कबर बिज्जू दिखाई दे रहा है. कबर बिज्जू दिखने से न केवल बच्चों में डर है; बल्कि अभिभावक कभी भी अनहोनी हो जाने की आशंका से सहमे हुए हैं. बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले केवल एक या दो ही कबर बिज्जू था, मगर अब इनकी संख्या बढ़कर 7 -8 हो गई है. ये खतरनाक जीव अब घरों व दुकानों में घुसने लगा है; जिसके कारण लोग बहुत परेशान हैं.

मुंगेली के एक मोहल्ले में कबर बिज्जुओं की दहशत से परेशान लोग.

बताया जा रहा है कि इन कबर बिज्जुओं को दुकान घर से बाहर निकालने में काफी मशक्क़त भी करनी पड़ती है. लोरमी के वार्ड नंबर 6, पंजाबी मोहल्ले में घूम रहे इन जीवों से परेशान शैलेन्द्र सलूजा ने बताया कि इस मोहल्ले में ही एक घर वीरान पड़ा है जहां कोई नहीं रहता. यहां बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आईं हैं. यही कारण है कि वहां इन कबर बिज्जुओं का कुनबा बढ़ता जा रहा है; जो कि परेशानी का विषय है.

वहीं, वार्ड के ही जतिन कुमार ने बताया कि आमतौर पर कब्रिस्तान या जंगलों में रहने वाला ये जीव लोरमी शहर में कैसे बढ़ रहे हैं, यह बहुत ही चिंता का विषय है. रेस्क्यू टीम को सफलता नहीं मिली मगर टीम ने लोगों को अपना मोबाइल नंबर दिया और कबरबिज्जू दिखने पर तत्काल कॉल करने के लिए कहा है. लेकिन, लोग कबर बिज्जू के इलाके में होने की बात सुनकर ही डरे सहमे हुए हैं.

मुंगेली के एक रिहायशी इलाके में 6-7 की संख्या में घूम रहा कबर बिज्जू के नाम से जाना जाने वाला यह जीव खतरनाक बताया जा रहा है. दरअसल, कबर बिज्जू कब्र को खोदकर लाश को खा जाता है. बिल्ली के आकार के दिखने वाले कबर बिज्जू को एशियन पाम सिवेट भी कहा जाता है. कबर बिज्जू सर्वाहारी होता है. जिसका मुख्य भोजन फल कंद मूल के साथ साथ छोटे कीट पतंगे भी होते हैं. निशाचरी होने के कारण माना जाता है कि यह कब्रों को खोदकर खा जाता है. वहीं छोटे बच्चों के लिए बड़ा खतरा है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading