भारतीय नागरिकों ने ने’पालियों की आवाजाही रो’का, नाले के वि’वाद को लेकर बार्डर पर ब’ढ़ा त’नाव

पश्‍च‍िम चंपारण। भारत-नेपाल सीमा पर अवस्थित भिखनाठोरी में नाले के पानी का वि’वाद सोमवार की दोपहर में एकबार फिर ग’रमा गया। बार- बार समझौता वार्ता को टाल रहे नेपाल ज’नप्रतिनिधियों एवं नेपाली नागरिकों के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश पर यहां के ग्रामीणों ने रो’क लगा दी है।

पश्‍च‍िम चंपारण में भारत-नेपाल सीमा पर वि‍वाद। फोटो-जागरणसोमवार की दोपहर बाद सैकड़ों ग्रामीण भिखनाठोरी बार्डर पर पहुंचे और नेपालियों के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश पर रो’क लगा दी। हालांकि यह वि’रोध भारतीय क्षेत्र के लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से किया। नाले का पानी खोलने को लेकर नेपाली जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के असहयोग को लेकर भारतीय क्षेत्र के लोग काफी ना’राज हैं।

बता दें कि बता दें कि नेपाल के ठोरी क्षेत्र में बीते 28 अगस्त की रात नेपालियों ने नाला तो’ड़ दिया था। 29 अगस्त को भारतीय क्षेत्र के किसान नाले को बांधने पहुंचे तो नेपाली नागरिकों के साथ आर्म्ड फोर्स के जवानों ने उन्हें रोक दिया था।

उसके बाद से भारतीय क्षेत्र के जनप्रतिनिधि लगातार नेपाली जनप्रतिनिधियों से संपर्क स्थापित कर मामले को सुलझाने की पहल कर रहे हैं। लेकिन नेपाली ज’नप्रतिनिधि अ’सहयोग कर रहे हैं।

करीब 60 वर्ष पहले नेपाल के पंडाई नदी से तीन नाले निकलती थी। जिसमें से एक नाला का पानी नेपाल में तथा दो नाले से भारतीय क्षेत्र में सिंचाई की जाती थी।

लेकिन 2020 में कोरोना काल में भारतीय क्षेत्र के भवानीपुर खैरटिया जाने वाले नाले को बंद कर दिया गया। नाले के पानी से भारत के करीब 2500 एकड़ भूमि भवानीपुर, खैरटिया, बैरिया डीह, बेतहनिया, एकवा, सहोदरा आदि क्षेत्रों में सिंचाई की जाती है।

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