बिहार के समस्तीपुर जिले में नगर निगम का चुनाव दूसरे चरण में 20 अक्टूबर को होगा. चुनाव का समय नजदीक आते ही नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 27 के लगभग 2,200 मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिया गया है. इसके साथ ही समस्तीपुर के आरजेडी के विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन का भी नाम मतदाता सूची से गायब कर दिया गया है जिसके कारण मतदाताओं के साथ विधायक भी वोट नहीं डाल पाएंगे. इसको लेकर लोगों में काफी आक्रोश है, वो चुनाव वहिष्कार को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.

नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 27 में मतदाताओं ने बताया कि पुराना वार्ड 2 के भाग संख्या 148, 149, 150, 151, एवं 161 और पुराना वार्ड 3 के भाग संख्या 152 को मिलाकर एक नया वार्ड 27 बनाया गया है. सभी बूथों पर मतदाताओं की संख्या 5,088 है जिसमें से करीब 2,200 वोटरों का नाम अंतिम मतदाता सूची से गायब कर दिया गया है. और तो और विधायक का भी नाम मतदाता सूची से गायब कर दिया गया है. बूथ को भी करीब तीन किलोमीटर दूर रखा गया है. पुरानी बूथ की अगर बात करें तो वर्षों से यह धर्मपुर उर्दू मध्य विद्यालय पर बना था, लेकिन इस बार बूथ लगभग तीन किलोमीटर दूर रेलवे लाइन पार b.Ed कॉलेज में बना दिया गया है. इस बात से मतदाताओं में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है.

वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर मतदाताओं ने लिया यह फैसला
मतदाताओं ने बताया कि नगर निगम का चुनाव दूसरे चरण में 20 अक्टूबर को होना है, लेकिन चुनाव का समय नजदीक आते ही मतदाताओं को उनके संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित कर दिया गया है. उनकी मांग है कि अधिकारी इसकी जांच कर लापरवाही के लिए दूसरे विभाग के कर्मी एवं अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें. उन्होंने वोटर लिस्ट से गायब सभी मतदाताओं के नाम पुनः इसमें जोड़ने की भी मांग की है. इस लापरवाही के कारण मतदाता चुनाव बहिष्कार की बात कह रहे हैं.

मतदाताओं का नाम सूची से गायब होने पर डीएम ने दिया आश्वासन
समस्तीपुर के विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने मतदाताओं का नाम सूची से गायब होने को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) योगेंद्र सिंह से मिले और उन्हें इस समस्या से अवगत करवाया. डीएम ने विधायक को भरोसा दिलाया है कि मतदाताओं की कठिनाई को ध्यान में रखते हुए वार्ड संख्या 27 के मतदान केंद्र को पुनः पुराने वाले स्थान पर बनाया जाएगा. साथ ही समस्तीपुर के निर्वाचन पदाधिकारी को बुलाकर वार्ड संख्या 27 की मतदाता सूची से गायब करीब 2,200 मतदाताओं का नाम पुनः मतदाता सूची में जोड़ने का निर्देश दिया.





