मुंगेर. बिहार के भागलपुर के सीमावर्ती क्षेत्र घोरघट में बाढ़ के दौरान गंगा नदी से भटकर महानय नदी की शाखा नहर में मगरमच्छ पहुंच गए हैं. ये मगरमच्छ इंसान के साथ-साथ जानवरों के लिए खतरा साबित हो सकते हैं. ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की घंटों रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक मगरमच्छ पकड़े नहीं जा सके हैं. रेस्क्यू का नजारा देखने के लिए सैंकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई.

हाल के दिनों में गंगा नदी की जलस्तर में बढ़ोतरी से राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ आ गयी थी. इसी दौरान मगरमच्छों का झुंड भटक कर प्रदेश के विभिन्न नदी-नहरों में पहुंच गया. जो अब आम लोगों के साथ जानवरों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है. आये दिन खबर मिल रही है कि मगरमच्छों ने किसी व्यक्ति का पैर चबा लिया तो जानवरों को अपना निवाला बना लिया. मगरमच्छ काफी ताकतवर और खतरनाक होता है. उसका शरीर काफी सख्त और धारदार होता है. जिसके चलते आस-पास के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है.

पांच की संख्या में हैं मगरमच्छ
ग्रामीण मो. सलामुद्दीन का बताते हैं कि घोरघट गांव के समीप नहर में लगभग दो महीने से मगरमच्छ को देखा जा रहा है. यहां चार से पांच की संख्या में मगरमच्छ को देखा गया है. मगरमच्छों का साइज 10 से लेकर 7 फीट तक का है। जिसके चलते ग्रामीण भयजदा हैं. खासकर मछुआरों और पशुपालकों को अधिक जान का खतरा बन गया है. स्थानीय लोग भी नदी और नहर किनारे जाने से कतराने लगे हैं. हालांकि ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग पाई है.

दो दिनों से चल रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन
वन विभाग के अधिकारी सुभाष चन्द्र यादव बताते हैं कि मगरमच्छों को पकड़ने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. दो माह पूर्व इन मगरमच्छों को सुल्तानगंज में गंगा नदी के किनारे देखा गया था और वहां भी रेस्क्यू किया था. हालांकि मगरमच्छों का झुंड सुल्तानगंज से गायब हो गया था. वन विभाग की पूरी टीम दो दिन से मगरमच्छों को रेस्क्यू करने में जुटी हुई है. वन विभाग की टीम के साथ स्थानीय पुलिस और आम लोगों की मदद मिल रही है. जल्द ही मगरमच्छों को पकड़ने में कामयाब हो जाएंगे.




