नरकटियागंज : भारत- नेपाल के भिखनाठोरी सीमा पर पानी वि’वाद को ले सातवें दिन रविवार को आं’दोलनकारी किसानों की एक विशेष बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि किसान नेपालियों द्वारा तोड़े गए उस नाले को बां’धेंगे।
मंगलवार को खैरटिया, भवानीपुर एकवा और परसौनी के किसान उस नाले को बां’धकर पहले की तरह अपनी फसलों के लिए पानी लाएंगे। यदि नेपाली ग्रामीण या अधिकारी रोकेंगे तो आं’दोलनकारी किसान भारतीय सीमा से होकर नेपाल में जा रहे नाले को भी बं’द कर देंगे।
बैठक में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शैलेंद्र गढ़वाल, धमौरा मुखिया रामबिहारी महतो और जमुनिया मुखिया विक्की गढ़वाल ने भारतीय क्षेत्र में ने’पालियों का प्रवेश रोकने के लिए आं’दोलन को शांतिपूर्ण ढंग से जारी रखने की अपील की।
कहा कि वह नाला लंबे समय से भारतीय क्षेत्र से बह रहा था। हम भारतीय किसान आपसी सद्भाव के साथ रहने और शांति बनाए रखने के पक्षधर हैं, लेकिन नेपालियों की ओर से लगातार टा’लमटोल किया जा रहा है। भिखनाठोरी के व्यवसायियों से भी आं’दोलन में सहयोग करने की अपील की गई।
उधर, नरकटियागंज के एसडीएम धनंजय कुमार का कहना है कि मामले के समाधान के लिए उच्चतरीय प्रयास किया गया है। शीघ्र ही स’माधान निकल जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बार्डर की उजला पहाड़ी के समीप से निकले नाले को बीते 28 अगस्त को नेपालियों ने ध्व’स्त कर दिया था। उसके बाद से भारतीय क्षेत्र में सिंचाई का सं’कट उ’त्पन्न हो गया है।


