PFI पर बैन पर बोले जगदानंद सिंह- इसकी जड़ में जाओ और भारत को भारत रहने दो

पटना. केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई और उससे संबंध रखने वाले 8 संगठनों पर 5 साल के प्रतिबंध लगा दिया है. भारतीय जनता पार्टी समेत कई राजनीतिक पार्टियां जहां इसका समर्थन कर रही हैं, वहीं कुछ ऐसे भी राजनीतिक दल हैं जो इस बैन का विरोध कर रहे हैं. अब इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल के बिहार अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसके लिए अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि देश को सोचना पड़ेगा आखिर ये संस्थाएं पांच-सात साल से क्यों पैदा हो रही हैं?

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जगदानंद सिंह ने कहा, इस पूरे मामले के जड़ में जाना होगा कि आखिर ये भाईचारा क्यों खत्म हुआ, गांधी का देश गोडसे का कैसे हुआ? आज कुर्सी पर बैठे लोग समझ रहे हैं हथियार के बल पर चला लेंगे, लेकिन लोगों का हृदय परिवर्तन करना होगा. परिस्थितियों को ठीक करो नहीं तो नाम बदल जाते हैं और दूसरी संस्थाएं खड़ी हो जाती हैं. समस्या पर क्यों नहीं जा रहे हो? भारत को भारत रहने दो.’

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पीएफआई के अलावा आतंकवाद रोधी कानून ‘यूएपीए’ के तहत ‘रिहैब इंडिया फाउंडेशन’ (आरआईएफ), ‘कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया’ (सीएफ), ‘ऑल इंडिया इमाम काउंसिल’ (एआईआईसी), ‘नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन’ (एनसीएचआरओ), ‘नेशनल विमेंस फ्रंट’, ‘जूनियर फ्रंट’, ‘एम्पावर इंडिया फाउंडेशन’ और ‘रिहैब फाउंडेशन’(केरल) को भी प्रतिबंधित किया गया है.

भाजपा नेता अक्सर कहते रहे हैं कि बिहार के कई जिलों में आतंकियों ने स्लीपर सेल बना रखे हैं. पीएफआई पर बैन के बाद भाजपा और तल्ख हमले कर रही है. खास तौर पर बीजेपी के निशाने पर बिहार में गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभल रहे सीएम नीतीश कुमार हैं. भाजपा के नेता कह रहे हैं कि बिहार में पीएफआई और इससे जुड़े संगठनों के विस्तार के लिए सीधे तौर पर सीएम नीतीश दोषी हैं.

बीजेपी नेता निखिल आनंद ने बयान जारी कर कहा कि पीएफआई संगठन सिमी का ही बदला हुआ रूप है. कभी सिमी ने देश को आतंक की आग में झोंकने की साजिश रची, अब पीएफआई यही काम कर रहा था। पीएफआई ने पूरे देश में अपना नेटवर्क फैलाया. खासकर मुस्लिम बाहुल्य सीमावर्ती जिलों में अपना प्रभाव बढ़ाया. इसके संबंधित संगठनों ने चैरिटी के जरिए आतंक की जड़ें जमाईं. ये लोगों को प्रलोभन देकर आतंक की आड़ में धकेलेन का काम कर रहे हैं. पटना में नीतीश कुमार की नाक के नीचे 20 हजार लोगों ने आतंकी ट्रेनिंग ली थी.

 

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