पटना में छठ महापर्व की तैयारी शुरू हो गई है। छठ के लिए गंगा घाटों की शनिवार को जिला प्रशासन के 20 टीमों ने निरीक्षण किया। टीम में नगर निगम, जल संसाधन विभाग के अलावा अन्य पदाधिकारी शामिल थे। घाटों की सूची फाइनल करने के लिए गंगा में जल स्तर कम होने का इंतजार किया जा रहा है।
एलसीटी, राजापुरपुल, पहलवानघाट, बांसघाट, कलेक्ट्रेट घाट, महेंद्रू घाट जलमग्न हैं। रास्ते भी पानी में डूबे हुए हैं। अक्टूबर माह के अंत में छठ महापर्व होना है। नगर आयुक्त अनिमेश कुमार पराशर शनिवार को नासरीगंज घाट से एनआइटी घाट तक निरीक्षण किया। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि गंगा पथवे वाले घाटों को तैयार किया जाए। नासरीगंज, पाटीपुल घाट को तैयार किया जाए।
निरीक्षण में पाया कि दीघा घाट पर भी छठ महापर्व कराया जा सकता है। एलसीटी घाट, पहलवान घाट, राजापुरपुल घाट, पहलवानघाट, बांसघाट, कलेक्ट्रेट घाट, महेंद्रू घाट का रास्ता जलमग्न मिला। घाट भी पानी में डूबा हुआ है। नगर आयुक्त ने इन घाटों पर नजर रखने का निर्देश दिया। स्पष्ट कहा कि जो घाट तैयार नहीं हो सकते हैं, उसपर कार्य नहीं किया जाए। घाट तैयार नहीं होने पर लाल रंग से घेराबंदी कर दिया जाए।

महेंद्रूघाट से एनआइटी घाट तक अब तक पानी है। जल स्तर घटने के बाद घाट तय हो पाएगा। संभावना जतायी गयी की कालीघाट से पटना सिटी की तरफ के सभी गंगा पथवे वाले घाट पर छठ महापर्व हो सकता है। घाटों के निरीक्षण के क्रम में अपर नगर आयुक्त शीला इरानी, पाटलिपुत्र अंचल की कार्यपालक पदाधिकारी प्रतिभा सिन्हा, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, सिटी मैनेजर आदि मौजूद थे।
छठ महापर्व के लिए घाट तैयार करने के लिए ठीकेदार नियुक्त कर दिए गए हैं। छठ महापर्व होने लायक घाटों तैयार करने का निर्देश दिया गया है। सभी तरह की काजगी तैयारी पुरी कर ली गई है। गंगा में अधिक जल है। जलस्तर में कमी आने के बाद कई और घाट छठ महापर्व के लिए तैयार हो जाएंगे।
इधर, जिलाधिकारी डा. चंद्रशेखर सिंह ने गंगा घाटों का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट मांगी है ताकि घाटों की ताजा स्थिति को देखते हुए छठ महापर्व के अनुकूल निर्माण कराया जा सके। डीएम ने बताया कि पटना में 105 गंगा घाटों का निरीक्षण विशेषज्ञों की टीम ने की है। टीम की जांच रिपोर्ट के अनुसार घाटों तक पहुंचने के लिए संपर्क पथ, वाहन पार्किंग, शौचालय, पेयजल और अन्य जन सुविधा का प्रबंध किया जाएगा।
टीम को घाटों की लंबाई, जलस्तर, दलदल, गंदगी, स्वच्छ घाट, खतरनाक घाट, छठ व्रतियों के लिए लिए चेंज रूम, नियंत्रण कक्ष और वाच टावर की आवश्यकता का आकलन करना है। रिपोर्ट के आधार पर घाटों का निर्माण कराया जाएगा।
बताया गया कि सर्वेक्षण में नगर निगम और जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को शामिल किया गया है। सोमवार तक रिपोर्ट के आधार पर आगे की तैयारी की जाएगी।
