डायन बिसाही का दंश! अं’धविश्वास में महिला सहित दो लोगों की कर दी गई ह’त्या

बिहार: बांका जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र से डायन बिसाही का आरोप लगाते हए दो लोगों की हत्या का मामला सामने आया है. पहली घटना बांका जिले के जयपुर ओपी के लकरामा पंचायत जगदीदिह की है, जहां भतीजे ने चाचा मुनिलाल बसेरा की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी तो वहीं दूसरी घटना बांका थाने के गदीजोर की है, जहां जहदी यादव की पत्नी गणेश देवी पर डायन होने का आरोप लगाते हुए मारपीट कर गला दबाकर हत्या करने का मामला सामने आया है.

बांका के दो अलग-अलग थाने क्षेत्र डायन बिसाही के आरोप में हत्या (news18)जयपुर के जगदीदिह की घटना के बारे में बताया जा रहा है कि लक्खी बेसरा द्वारा हत्या उस वक्त की गयी जब वह घर के सामने दोपहर में सो रहा था. उसी दौरान गर्दन पर कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी. हत्या की घटना के बाद भतीजा लक्खीराम बेसरा को जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. घटना के बारे में बताया जा रहा है कुछ दिन पहले गोतिया में एक बच्चे की तबियत खराब हुई थी, जिसको लेकर लक्खी राम बेसरा के परिजनों द्वारा मुनिलाल पर डायन बिसाही का आरोप लगाया जा रहा था जिसको लेकर आज हत्या कर दी. घटना की जानकारी मिलते ही जयपुर पुलिस के साथ ही बेलहर एसडीपीओ प्रेमचंद्र सिंह भी घटना स्थल पहुंचकर मामलें की छानबीन करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिये बांका भेजा है.

दूसरी घटना बांका थाना के गादीजोर की है जहां एक बुजुर्ग महिला गणेशी देवी को डायन होने के आरोप में मारपीट करने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गयी. घटना के बारे में बताया जा रहा है कि इसी गांव के प्रदीप यादव की छह वर्षीय पुत्री दीप्ति की मौत जॉन्डिस के चलते इलाज के दौरान भागलपुर में हो गयी थी. मौत की घटना के बाद मृतका के पुत्र सुनील यादव ने मृत बच्ची को जिंदा करने का दावा करते हुए उसके घर अनुष्ठान करने लगा उसके बावजूद बच्ची जिंदा नहीं हुई.

बच्ची के जिंदा नहीं होने पर वह अपनी मां पर मौत का आरोप लगाते हुए फरार हो गया, जिससे गुस्साए लोगों ने महिला की गला दबाकर हत्या कर दी. दोनों मामले को लेकर जयपुर पुलिस और बांका पुलिस हर बिंदु पर जांच करते हुए दोषी कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कह रही है.

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading