पटना। मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, नेपाल और देश के अन्य हिस्सों में हुई बारिश का नतीजा बिहार के लोग भुगत रहे हैं। बिहार में गंगा, गंडक, घाघरा और सरयू जैसी नदियों में बेमौसम बाढ़ के हालात हैं। पटना में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से केवल 17 सेंटीमीटर दूर रह गया है।
बिहार के सिवान, गोपालगंज, सारण, बेगूसराय, खगड़िया, समस्तीपुर आदि जिलों में नदियों के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के हालात हैं। गोपालगंज में पिछले दिनों एक बांध टूट जाने से नदी का पानी कई गांवों में फैल गया। हालांकि अब वहां हालात नियंत्रण में हैं।
दशहरा के बाद पटना में गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 17 सेंटी मीटर से नीचे है। बीते 24 घंटे में 26 सेंटी मीटर पानी बढ़ा है।
उधर, हाथीदह में गंगा खतरे के निशान से करीब आठ सेंटीमीटर उपर बह रही है। गंगा में बाढ़ से छठ घाटों के निर्माण ठप हो गया है। टाल और दियारा क्षेत्र में पानी भरने से रबी फसल की बुआई बंद हो गई।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर लगातार वृद्धि जारी है। सोमवार को गांधी घाट पर खतरे के निशान से मात्र 35 सेंटीमीटर नीचे था। मंगलवार को 26 सेंटीमीटर बढ़ोत्तरी हुई है। खतरे के निशान से मात्र 17 सेंटीमीटर की दूरी रह गई है।
बीते 24 घंटे के दौरान मनेर से हाथीदह तक गंगा के जलस्तर में औसत 26 से 41 सेंटीमीटर तक बृद्धि हुई है। सबसे अधिक मनेर में सोमवार की तुलना में 41 सेंटी मीटर पानी बढ़ा है।
दीघा घाट पर बीते 24 घंटे के दौरान जलस्तर में 38 सेंटी मीटर बढ़ोत्तरी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार बिहार में बक्सर से कहलगांव तक गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है।

