पटना. बिहार बड़े ठेकेदार और जदयू के करीबी रहे गब्बू सिंह उर्फ के एक साथ 30 से अधिक ठिकानों पर सुबह-सुबह इनकम टैक्स में छापेमारी की. छापेमारी गब्बू सिंह, अरविंद सिंह सहित उनके कई सहयोगियों के घर पर हुई. केंद्रीय एजेंसी के इस छापे के बाद बिहार के सियासी गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया क्योंकि गब्बू सिंह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के करीबी माने जाते हैं. गब्बू सिंह पर हो रहे इनकम टैक्स की कार्रवाई के बाद ललन सिंह केंद्र सरकार पर अपनी भड़ास निकाली और अपने करीबियों को यह कहते हुए सतर्क रहने की सलाह दी कि- जागते रहो, बहरूपिया आएगा.
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह एवं अन्य कई नेताओं के काफी करीबी रहे बड़े ठेकेदार गब्बू सिंह के आवास पर इनकम टैक्स की छापेमारी पर बिहार की सियासत तेज हो गई है. लोग इस छापेमारी को ललन सिंह से जोड़कर देख रहे हैं. बिहार के सियासी गलियारे में चर्चा इस बात की है कि मनोज सिंह के करीबी गब्बू सिंह पर इनकम टैक्स की कार्रवाई इसलिए हो रही है कि वे लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ हमलावर हैं.
हालांकि, ललन सिंह से जब उनके गरीबी के घर इनकम टैक्स की छापेमारी का सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि करीबी क्या होता है? जहां-जहां उनके विरोध में लोग रहते हैं वहां-वहां यह लोग सीबीआई, ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करते हैं. हमलोग किसी के दबाव में आने वाले नहीं हैं. इनसे कुछ होने वाला नहीं है. जिस तरह लोग कपड़ा बदलते हैं उस तरह केंद्रीय एजेंसियों का का इस्तेमाल करते हैं. इससे कोई डरनेवाला नहीं है. उनको जो करना है करें.
गब्बू सिंह,अरविंद सिंह सहित अन्य बिल्डरों के ठिकानों पर की गई छापेमारी को लेकर जदयू भले ही केंद्र सरकार पर हमलावर हो और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह अपनी भड़ास बीजेपी पर निकाल रहे हैं, लेकिन इस मामले में बीजेपी बेहद सुकून में है. पार्टी के नेता और के प्रवक्ता निखिल आनंद का कहना है कि जब भी केंद्रीय एजेंसी कोई कार्रवाई करती है तो राजद, जदयू और कांग्रेस के नेताओं को परेशानी होती है. यदि यह सभी लोग पाक साफ हैं तो फिर किसी कार्रवाई से इन्हें भय क्यों लगता है?



