मुजफ्फरपुर : इस साल छठ व्रती एक दशक बाद ब्रह्मपुरा एवं तीन पोखरिया पोखर के साफ पानी में खड़ा होकर भगवान भास्कर को अर्घ्य दे सकेंगी। दोनों पोखर के आसपास के लोगों को छठ पूजा के लिए घाट की तलाश में भटकना भी नहीं पड़ेगा। जल जीवन हरियाली कार्यक्रम के तहत पूरी तरह से दम तोड़ चुके दोनों पोखरों का जीर्णोद्धार किया गया है। इस साल आसपास के लोग अब यहां छठ पूजा कर सकेंगे।
एक दशक पहले तक दोनों ही पोखर पर छठ पूजा के अवसर मेला लगता था। पूरी रात यहां लोग पूजा देखने के लिए जमा रहते थे। तब पोखर का पानी साफ था और चारों तरफ हरियाली थी। बाद के दिनों में नगर निगम की अनदेखी एवं लोगों की लापरवाही ने पोखर को कूड़ेदान बना दिया। इससे पोखर पूरी तरह से मृतप्राय हो चला था।
तीन साल पहले जल जीवन हरियाली कार्यक्रम के तहत सरकार ने तीन पोखरिया के विकास के लिए 84.75 लाख एवं ब्रह्मपुरा पोखर के विकास के लिए एक करोड़ 28 लाख रुपये का आवंटन दिया। निर्माण का जिम्मा बिहार आधारभूत संरचना निगम को दिया गया। तीन साल के लंबे इंतजार के बाद इस साल पोखर छठ पूजा के लिए तैयार हो चुका है।

कालीबाड़ी रोड निवासी एवं तीन पोखरिया छठ पूजा समिति के सदस्य योगेश कुमार टिंकू ने कहा कि पोखर परित्यक्त हो चुका था। सरकार के सहयोग से इसे नया जीवन मिल गया है। लोगों ने यहां छठ पूजा करना छोड़ दिया था।
मुहल्लावासी इस बार यहां फिर से छठ पूजा कर पाएंगे। वहीं ब्रह्मपुरा निवासी धीरज कुमार ने कहा कि पहले यहां विशाल मेला लगता था। यहां की पूजा की रौनक देखने लायक थी। गंदे पानी का तालाब बन जाने के कारण सब कुछ समाप्त हो चुका था। पोखर के विकास के बाद इस साल फिर से रौनक दिखेगी।




