पटना। छठ महापर्व तक गंगा के जलस्तर में चार मीटर तक कमी आएगी। यह दावा जल संसाधन विभाग ने किया है। जल संसाधन विभाग के दावे के बाद जिला प्रशासन और पटना नगर निगम अंतिम समय में युद्ध स्तर पर कार्य करने की तैयारी की रणनीति बनाने में जुट गया है।
पटना में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गांधीघाट पर 31 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर तथा दीघा घाट पर 32 सेंटीमीटर खतरे के निशान से नीचे बेह रही हैं। गांधी घाट पर एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से जलस्तर में कमी आने लगा है। गंगा नदी का जलस्तर दीघा घाट पर 50.13 मीटर (स्थिर) तथा गांधी घाट 48.96 मीटर (बढोतरी) था।

जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता शशि रंजन पांडेय ने बताया कि अनुमान के अनुसार 19 अक्टूबर को 10.00 बजे पूर्वाह्न से गंगा के जल-स्तर खतरे के निशान से नीचे आना शुरू हो जाएगा। इस वर्ष छठ के दिन गंगा का अनुमानित जल-स्तर 46.0 मीटर रहने की संभावनाएं है।
जबकि पिछले वर्ष आज की तिथि में 46.68 मीटर तथा छठ के दिन 45.45 मीटर था। इस वर्ष छठ पर्व 30 और 31 अक्टूबर मनाया जाएगा। 28 अक्टूबर को नहाय-खाय से पर्व का अनुष्ठान शुरू होगा।29 अक्टूबर को खरना तथा 30 अक्टूबर को संध्या अघ्र्य एवं 31 अक्टूबर को प्रात:काल में अघ्र्य का आयोजन होगा।
प्रमंडलीय आयुक्त कुमार रवि ने कहा कि कहा है कि छठ महापर्व की तैयारी में जुट जाएं। गंगा की जलस्तर में कमी आने लगी है। सभी विभाग समन्वय स्थापित कर कार्य करें। पूर्णत: दुर्घटनामुक्त एवं छठव्रतियों के लिए सुविधायुक्त तैयारी होनी चहिए।





