मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर के चतुर्भुज स्थान को लोग तवायफ मंडी के तौर पर जानते हैं. इस इलाके के जोहरा गली में वर्षों से देह व्यापार होता रहा है. इस बदनाम गली में रहने वाली कुछ महिलाएं अब इस दलदल से निकलने से निकलने का प्रयास कर रही हैं. जोहरा संवर्धन स्वयं सहायता समूह ने रेड लाइट एरिया की इन लड़कियों और महिलाओं को दलदल से निकालने का बीड़ा उठाया है.

देह व्यापार से जुड़ी इन लोगों को हुनरमंद बनाने के लिए न सिर्फ प्रशिक्षण मुहैया कराया जा रहा है बल्कि रोजगार भी मुहैया कराने की दिशा में पहल कर रहे हैं. इन महिलाओं में राेजगार का अलख जगया जा रहा है. समाज से अलग-थलग यह महिलाएं अब गारमेंट्स बनाने के काम से जुड़ रहीं है और बकायदा इसकी बिक्री भी कर रही हैं.

महिलाओं के द्वारा बनाए गए कपड़े को नहीं मिल रही कीमत
जोहरा संवर्धन स्वयं सहायता समूह का नाम चतुर्भुज स्थान की प्रथम नृत्यांगना जोहरा बाई के नाम पर रखा गया है. इस संस्था से जुड़ी नसीमा खातून बताती हैं कि मुख्यधारा से जुड़ने के लिए जोहरा गली की महिलाओं के लिए कई प्रकार की चुनौती हैं. इस दलदल से निकलने के बाद इनके सामने सबसे बड़ी मुसीबत अपनी आजीविका चलाने की होती है. ऐसे में यह स्वयं सहायता समूह उम्मीद की किरण बन रही है. इस स्वयं सहायता समूह से इलाके की दर्जनों महिलायें जुड़ी है जो दुकानों में बची कपड़ों के कतरन से फ्रॉक, कुर्ती और ब्लाउज़ बना रहीं हैं.

समूह में वस्त्र बनाने के काम से जुड़ी शमीमा खातून बताती हैं कि मुजफ्फरपुर के दुकानों से कपड़ा के थान में से बचे हुए कपड़े इकट्ठा करते हैं. इसके बाद एक डिजाइन तैयार कर कपड़ों की कटिंग और सिलाई करते हैं. इस काम से जुड़ कर बहुत खुशी मिल रही है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या इन कपड़ों को बेचने को लेकर हो रही है. लोकल मार्केट में हमारे बनाए हुए कपड़ों की उचित कीमत नहीं मिल पा रही है. सरकार के द्वारा सहायता और मार्गदर्शन मिले तो इस कार्य से जुड़ी महिलाएं बहुत बेहतर कर सकती हैं.

उद्योग विभाग इन महिलाओं का हरसंभव करेगा मदद
जोहरा संवर्धन स्वयं सहायता समूह की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी, लेकिन अब तक इन्हें कपड़ों को बेचने के लिये मार्केट नहीं मिला पा रहा है, जिस कारण इस काम को जारी रखने में इनके स्वयंसेवकों को कई समस्याएं आती है. इस संदर्भ में जिला उद्योग विभाग के जीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सरकार के माध्यम से इन महिलाओं के सहयोग के लिए काम किया जा रहा है. जिला उद्योग विभाग के द्वारा आयोजित उद्योग मेला में जोहरा संवर्धन स्वयं सहायता समूह को प्रथम स्टॉल भी लगवाया गया है.

बिहार के उद्योग मंत्री समीर महासेठ ने इनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है. उद्योग विभाग के जीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने आगे बताया कि जल्द ही इन महिलाओं को इस काम को जारी रखने के लिए एक समुचित स्थान का प्रबंध कराने के दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया जाएगा.


