मुजफ्फरपुर : इस बार दीपावली व धनतेरस से पूर्व बाजारों पर मेक इन इंडिया का साफ-साफ असर दिख रहा है। दरअसल स्वदेशी सामानों की अधिक उपलब्धता और लोकप्रियता के बीज इस बार लोग इन त्योहारों पर चाइनीज सजावटी बल्बों, झालरों व लड़ियों की जगह देश में निर्मित स्वदेशी सामानों की खूब डिमांड है।

इस बार दीवाली में चाइनीज सजावटी इलेक्ट्रिक आइटमों की आवक नहीं है। पहले के ही कुछ बचे-खुचे चाइनीज प्रोडक्ट्स दुकानों में पड़े हैं। वहीं रंग-बिरंगे स्वदेशी एलइडी बल्बों व झालरों से बाजार गुलजार है।
इनकी कीमत चाइनीज की अपेक्षा थोड़ी अधिक जरूर है, लेकिन देसी आइटमों की गुणवत्ता काफी बेहतर है। जवाहरलाल रोड और इस्लामपुर की गलियों में इसकी बिक्री हो रही है।
घरों और प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए स्वदेशी सजावटी बल्बों का इस्तेमाल लोग अधिक कर रहे हैं। शहर में कपड़े के अलावा इलेक्ट्रिक आइटमों की भी थोक मंडी होने के कारण यहां नेपाल तक के व्यापारी आ रहे हैं।
बता दें कि मंगलवार को दरभंगा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी व रक्सौल तक के व्यापारी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इस बार स्वदेशी झालर में भी एक से बढ़कर एक वेराइटी आई है।
नमूने के तौर पर कमल की आकृति का पानी में जलने वाला एलईडी बल्ब युक्त दीया ग्राहकों को खूब भा रहा है। इसके छह पीस का सेट डेढ़ सौ से लेकर तीन सौ रुपये में उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि इस दीये के आने से तेल की बचत होगी। शहर में चौक-चौराहों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वदेशी आइटमों से दुकानें सज गईं हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर करीब पांच सौ दुकानों में इनकी बिक्री हो रही है।


