गोपालगंज.दिवाली से पहले गोपालगंज शहर की हवा की शुद्धता बिगड़ने लगी है. प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है. गुरुवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई अधिकतम 239 रहा, जो हवा की गुणवत्ता के लिहाज से खतरनाक साबित हो रहा है. सामान्यत: एयर क्वालिटी इंडेक्स 50 से 100 के बीच होना चाहिए. हवा की सेहत खराब होने के कारण सांस और अस्थमा के रोगियों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं. गुरुवार को सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सांस के कई रोगियों को भर्ती कराया गये. शहर के बसडीला, बंजारी, साधु चौक मोहल्ला, हजियापुर, अरार के इलाके में हवा में धूल, मिट्टी, बालू के कणों की तादाद बढ़ी है, जिससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है.

डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण के कारण हेल्थ संबंधी कई तरह की परेशानियां बढ़ने लगती हैं. प्रदूषण के कारण अस्थमा और कई अन्य फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं. प्रदूषण की वजह से ना सिर्फ अस्थमा, बल्कि हार्ट डिजीज, स्किन एलर्जी और आंखों से जुड़ी बीमारी भी हो सकती हैं. वहीं बनारस सुपर स्पेश्लिस्ट के एमडी फिजिशियन डॉ प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि एक्यूआइ बढ़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन होने के साथ संक्रमण का खतरा बढ़ने लगता है.
शहर में एक्यूआइ बढ़ने के कई कारण हैं. एनएच-27 के अर्धनिर्मित सड़क के निर्माण कार्य, ईट भट्ठे और सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों से प्रदूषण फैल रहा है. साथ ही नगर परिषद द्वारा कूड़ा कचरा को सड़कों के किनारे जलाने से बढ़ रहा है. इससे हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है. जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समय रहते इसपर ध्यान नहीं दिया तो दिवाली बाद हालात और खराब हो सकते हैं.



