बिहार में पुलिस पर ही लगा थाने से चो’री का आ’रोप, जब मा’मला कोर्ट पहुंचा तो जज बोले….

गोपालगंज:जिले के मांझागढ़ थाना से जुड़ा एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। थाना परिसर में खड़ी स्कार्पियो के टायर बदल दिए गए। साथ ही बैटरी समेत कई सामान की चोरी कर ली गई। टायर बदलने व चोरी का आरोप मांझागढ़ थाने की पुलिस पर लगा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने डीएसपी मुख्यालय को जांच करने का आदेश दिया है। यह जानकारी आवेदक के अधिवक्ता मुस्ताक आजम ने दी। पांच नवंबर को जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। मामले को लेकर डीएसपी मुख्यालय ज्योति कुमारी ने कहा कि मुझे इस तरह का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने पर जांच की जाएगी।

थाने से ही चोरी हो गई 2 बाइक, पुलिसकर्मी मालिक से बोले- चोर मिलेंगे तभी तो  लौटाएंगे बाइक - Two bikes stolen from police station owner wandering for 6  months to get bikeमिली जानकारी के अनुसार रफी आलम ने विविध वाद कराया था। विविध वाद संख्या-19/2021 में कहा कि मांझागढ़ थाने की पुलिस ने उनकी स्कार्पियो (बीआर28सी-4300) जब्त कर ली थी। इसे न्यायालय द्वारा पूर्व में मुक्त करने का आदेश मांझागढ़ थाना को दिया गया था। न्यायालय से निर्गत आदेश के बाद रफी आलम जब अपनी स्कार्पियो लेने पहुंचे तो पाया कि चारों चक्के बदलकर उनकी जगह पुराने टायर लगा दिए गए हैं।

मांझागढ़ थाने की पुलिस पर गंभीर आरोप

स्कार्पियो में लगी बैटरी, स्पीकर, मैट व डेक (म्यूजिक सिस्टम) को गायब कर दिया गया है। मांझागढ़ थाना द्वारा जब्त स्कार्पियो से सामान गायब होने व टायर बदलने के संबंध में रफी आलम के दाखिल आवेदन पर प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्रा ने मांझागढ़ थाना प्रभारी से रिपोर्ट की मांग की थी। इसके बावजूद थाना प्रभारी ने अब तक कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की। इस संबंध में न्यायालय द्वारा पुनः रिमाइंडर पत्र 22 फरवरी 2022 को प्रेषित किया गया। इसके बावजूद कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। पुनः 31 मार्च को न्यायालय द्वारा इस संबंध में स्पष्टीकरण सह प्रतिवेदन की मांग की गई, फिर भी थाना प्रभारी ने कोई जवाब नहीं दिया। आवेदक द्वारा मांझागढ़ थाने की पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

उच्च स्तरीय जांच आवश्यक

अदातल ने मानना है कि पुलिस का कार्य लोगों की सुरक्षा करना है। पुलिस, जिसे देखने से लोगों में सुरक्षित होने की भावना आए, उसी पुलिस पर चोरी का आरोप, वह भी थाने परिसर से, यह एक गंभीर मामला है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है। प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने पुलिस अधीक्षक, गोपालगंज आनंद कुमार को आदेश दिया कि पूरे मामले की जांच डीएसपी मुख्यालय ज्योति कुमारी से कराएं। साथ ही 15 दिनों के अंदर इसकी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करें। डीएसपी हेडक्वार्टर अपनी रिपोर्ट में यह भी बताएं कि आखिर किन परिस्थितियों में न्यायालय द्वारा तीन बार प्रतिवेदन मांगे जाने के बावजूद मांझागढ़ थाना प्रभारी ने न्यायालय में प्रतिवेदन समर्पित नहीं किया।

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