कार्तिक कृष्ण पक्ष प्रदोष व्यापिनी त्रियोदशी में धनतेरस मनाया जाएगा। शनिवार को 4 बजकर 33 मिनट पर त्रियोदशी शुरू हो जाएगी। उसके साथ ही धनतेरस की खरीदारी का शुभ मुहूर्त भी प्रारंभ हो जाएगा। वहीं 23 अक्टूबर यानी रविवार को नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी। उसी दिन हनुमान जयंती मनाई जाएगी। 24 अक्टूबर यानी सोमवार को दीपावली का पावन त्योहार मनाया जाएगा। उसके लिए राजधानी में घरों की सजावट का काम तेज हो गया है।
धनतेरस के दिन इन चीजों की होती है खरीदारी
आचार्य पंडित विनोद झा वैदिक का कहना है कि विभिन्न पंचांगों के अनुसार 22 अक्टूबर को त्रियोदशी के दिन धनतेरस मनाया जाएगा। उस दिन चांदी, तांबा, कांसा आदि के बर्तन, यंत्र, वस्त्र, विद्युत उपकरण, वाहन की खरीदारी, भूमि, भवन तथा व्यापार आरंभ, अचल संपत्ति में निवेश करना अत्यंत शुभ रहेगा I इसके अलावे सजावट की सामग्री, पठन-पाठन का सामान, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, धनिया, हल्दी गांठ, गोमती चक्र, कमलगट्टा, वस्त्र आदि भी खरीदना चाहिए। धनतेरस के दिन दरिद्रता का नाश व सुख-समृद्धि के वास हेतु घर और प्रतिष्ठान में नई झाड़ू खरीदने की परंपरा है I
यम के निमित्त होगा दीपदान
राजापुर सियाबिहारी कुंज ठाकुरबाड़ी के महंत पंडित नागेन्द्र दास का कहना है कि शनिवार को कार्तिक कृष्ण प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी से दीपोत्सव का पंच दिवसीय पर्व व धन की देवी का उत्सव आरंभ हो जाएगा I इस दिन प्रदोषकाल में यम के निमित्त तिल तेल का दीपक घर के बाहर दक्षिण मुख प्रज्वलन करने से काल- संकट, रोग,शोक, भय, दुर्घटना, अकाल या अपमृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है I इस दिन छत पर अष्टदल बनाकर तिल तेल से युक्त दीपक जलाकर लक्ष्मी, इंद्र, कुबेर का ध्यान करने से ऐश्वर्य तथा आर्थिक तरक्की होती है।




