बिहार में दुष्कर्म, छेड़खानी, दहेज के लिए उत्पीड़न जैसे महिलाओं के साथ किए जाने वाले अपराध में कमी दर्ज की गई है। पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार छेड़खानी में 25 प्रतिशत, महिला उत्पीड़न में आठ और डायन बताकर हिंसा के मामले में नौ प्रतिशत की कमी आई है।
दुष्कर्म के मामलों में मामूली गिरावट
पिछले वर्ष अगस्त माह तक महिलाओं के विरुद्ध अपराध से जुड़े कुल 5661 कांड दर्ज किए गए थे। जबकि, इस साल अगस्त माह तक 5292 कांड दर्ज हुए हैं। इस तरह कुल कांडों में साढ़े छह प्रतिशत की कमी आई है। अगर श्रेणीवार बात करें तो वर्ष 2021 में दुष्कर्म के 834 कांड दर्ज हुए, जो इस बार घटकर 829 हो गए हैं। इसी तरह छेड़खानी के 674 कांड की तुलना में इस बार 499 कांड दर्ज हुए हैं।
महिला उत्पीड़न में भी आई कमी
दहेज के लिए उत्पीड़न अधिनियम के तहत 2409 कांडों की तुलना में इस साल 2364 कांड दर्ज किए गए हैं। महिला उत्पीड़न के 1334 कांडों की अपेक्षा इस बार 1224 कांड दर्ज किए गए हैं। डायन बताकर हिंसा के मामले में भी कमी आई है। पिछली बार 410 कांडों की तुलना में इस बार 376 कांड दर्ज हुए हैं।
पुराने मामलों के निष्पादन में तेजी
महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में कमी के साथ ही कांडों के निष्पादन में भी तेजी आई है। इस साल 5292 कांड आए। जबकि, 5341 कांडों का निबटारा हुआ है। नए मामलों के अलावा पुराने लंबित कांडों का भी निष्पादन किया गया है। इनमें दुष्कर्म के 922, छेड़खानी के 603, दहेज के लिए उत्पीड़न के 1317, महिला उत्पीड़न के 2082 और डायन बताकर हिंसा किए जाने के 417 कांडों का निष्पादन हुआ है।
महिलाओं के विरुद्ध अपराध में बिहार का 26वां स्थान
नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वर्ष 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में महिलाओं के विरुद्ध अपराध दर राष्ट्रीय औसत से आधे से भी कम है। महिलाओं के विरुद्ध राष्ट्रीय औसत अपराध दर 64.5 है। बिहार में यह 30.2 है। पुलिस मुख्यालय के अपर पुलिस महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध में बिहार का स्थान 26वां है।



