बेउर जेल में 19 मोबाइल पहुंचने का मा’मला, पटना पुलिस के पांच अफसर-सिपाही गि’रफ्तार

पटना. पटना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक एएसआई और चार अन्‍य पुलिसवालों को गिरफ्तार कर लिया गया है. यह पूरा मामला बिहार के सबसे बड़े बेउर जेल से संबंधित है. दरअसल बेउर जेल के कैदियों के पास मोबाइल और मादक पदार्थ मिला था. बिहार की सबसे वीआइपी जेल में बंद अपराधियों को नशे का सामान, मोबाइल सहित वैसी चीज मिल रहीं, जो  जेल में प्रतिबंधित है. सबसे बड़ी बात तो यह है कि अपराधियों को इन चीजों की सुविधा देने में पुलिस की ही अहम भूमिका उजागर हुई  है.

पटना के बेउर जेल से मोबाइल मिलने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है (बेउर जेल फाइल फोटो)यह बात सामने आने पर पटना में एक पुलिस अधिकारी और चार सिपाहियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. दरअसल, शुक्रवार की शाम बेउर जेल के बंदियों के झोला से मादक पदार्थ, मोबाइल समेत  दूसरे आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया था. सभी कैदी जेल से  वापस लौटे तो वहां उनके वैन की जेल प्रशासन ने तलाशी ली. तलाशी के दौरान आपत्तिजनक चीजें मिलीं. इस मामले में ही एक पुलिस पदाधिकारी और चार सिपाही गिरफ्तार किए गए हैं. गिरफ्तार लोगों पर इन कैदियों को पेशी के लिए कोर्ट में ले जाने और फिर वापस जेल में लाकर छोड़ने की जवाबदेही थी.

पटना एसएसपी ने माना कि इन्होंने अपने कर्तव्य में लापरवाही बढ़ती है और उनकी चूक के कारण जेल में एक साथ 19 मोबाइल पहुंच गया. जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन के सहायक अवर निरीक्षक राम किशोर, डीपीसी हंसराज तिवारी, सिपाही राजीव कुमार, हवलदार छविनाथ सिंह और सिपाही विकाश कुमार भारती को गिरफ्तार किया गया है. इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है. बेउर जेल में यह मामला नया नहीं है. यहां पहले भी अक्‍सर मोबाइल और नशे का सामान कैदी वार्ड तक मिलता रहा है. फुलवारीशरीफ एएसपी मनीष कुमार की जांच में पता चला कि उक्त पुलिसकर्मियों ने मोटी रकम लेकर मोबाइल और मादक पदार्थों के साथ कैदियों को पुलिस वैन में बैठने की अनुमति दी थी.

शुक्रवार को बेउर जेल के कैदी राघोपुर निवासी मुन्ना सिंह व राणा रणविजय सिंह, सुल्तानगंज के छोटू और मनेर के विक्की पांडेय को पुलिस सुरक्षा में पटना सिटी कोर्ट भेजा गया था. बंदियों से सख्ती से पूछताछ की गई थी, जिसमें साथ गए पुलिसकर्मियों की संलिप्तता उजागर हुई थी.

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