लोक आस्था का महापर्व छठ नहाय-खाय के साथ शुक्रवार से प्रारंभ हो गया है। शनिवार को छठव्रती खरना करेंगे। रविवार को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को छठ महापर्व का पहला अर्घ्य दिया जाएगा। पटना सहित बिहार के तमाम शहरों में व्रती गंगा सहित अन्य नदियों, तालाबों, नहरों और जलाशयों के किनारे भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगे।
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घाटों पर मेडिकल, दंडाधिकारी व गोताखोर तैनात
पटना में छठ व्रतियों के निर्मित गंगा घाटों पर गुरुवार को दंडाधिकारी व गोताखोर तैनात किए गए। एनडीआरएफ की टीम पेट्रोलिंग कर गंगा घाटों की स्थिति पर पैनी नजर रखेगी। अनुमंडलधिकारी मुकेश रंजन ने गुरुवार की शाम बताया कि घाटों पर नियंत्रण कक्ष खोला जाएगा।
चार दिवसीय छठ महापर्व सोमवार तक
सोमवार को उगते हुए सूर्य को दूसरा अर्घ्य देने से साथ चार दिवसीय छठ महापर्व संपन्न हो जाएगा। बिहार में नहाय-खाय को लेकर शुक्रवार को खूब उत्साह देखा जा रहा है। तमाम नदियों के घाटों पर व्रतियों का सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गया था।

अरवा चावल और कद्दू की सब्जी खाएंगे व्रती
छठव्रती नहाय-खाय से पहले गुरुवार को दिनभर घरों की सफाई में जुटे रहे। शुक्रवार को नहाय-खाय के दिन गंगा के पावन जल से घरों की धुलाई की जाएगी। कल सुबह से ही नदी में स्नान का सिलसिला प्रारंभ हो जाएगा। नहाय-खाय के दिन अरवा चावल, कद्दू की सब्जी, चना की दाल बनाई जाएगी।
अपने घरों में भी नहाय-खाय करते हैं व्रती
आचार्य पंडित विनोद झा वैदिक का कहना है कि लोक आस्था का महापर्व छठ की तैयारी काफी जोर-शोर से शुरू हो गई है। सबसे पहले व्रती गंगा के पावन जलधारा में स्नान करेंगे। दिन में गंगा स्नान के उपरांत भगवान भास्कर को जल दिया जाएगा। उसके बाद व्रती अपने-अपने घरों को लौट जाएंगे। काफी संख्या में व्रती अपने घरों में ही नहाय-खाय का व्रत करेंगे।

पटना के बाजारों में रही चहल-पहल
नहाय-खाय को लेकर गुरुवार को राजधानी के बाजारों में काफी चहल-पहल रही। सब्जी बाजार से लेकर वस्त्रों बिक्री जोरों पर रही। खासकर कद्दू की बिक्री जोरों पर रही । इसके अलावा दिनभर लोग साड़ी-धोती, गमछा आदि के खरीदारी करते रहे।


