छठ महापर्व को लेकर बिहार के मुजफ्फरपुर में तैयारियां जोरों पर है. इस बीच बूढ़ी गंडक नदी के चर्चित सीढ़ी घाट गंगा आरती का आयोजन मुजफ्फरपुर के लोगों के लिए आनंद का विषय होगा. इस बार गंगा आरती छठ पर्व के दौरान संझिया अरग के दिन होगी. बता दें कि पिछले 15 साल से जीवन रक्षा समाज सेवी संगठन इस आरती का आयोजन करता आ रहा है.
वहीं, जीवन रक्षा समाज सेवी संगठन के अध्यक्ष सुरेश कुमार चौधरी उर्फ भोला चौधरी बताया कि हमने मुजफ्फरपुर के सीढ़ी घाट पर 15 वर्ष पूर्व गंगा आरती की शुरुआत की थी. हमारे द्वारा गंगा आरती ठीक उसी प्रकार की जाती है, जिस प्रकार धर्म नगरी काशी में गंगा आरती होती है. वह बताते हैं कि गंगा आरती को देखने शहर के तकरीबन 10 हजार लोग आते हैं. जबकि हमारा संगठन मुजफ्फरपुर नगर प्रशासन के सहयोग से सीढ़ी घाट पर आयोजित होने वाले छठ पर्व को विशाल रूप देता है.

1008 दीयों से जगमग होगा सिकंदरपुर सीढ़ी घाट
गंगा आरती शहरवासियों के बीच बेहद प्रसिद्ध है. इस बार गंगा आरती के मुख्य पुजारी बाबा गरीब नाथ मंदिर के प्रसिद्ध पंडा अमरनाथ पाठक रहेंगे. इस दौरान वह अपने साथियों के साथ काशी की तर्ज पर करेंगे. इस अवसर पर सिकंदरपुर सीढ़ी घाट के प्रांगण में तकरीबन 1008 दीपक भी जलाए जाएंगे.

सीढ़ी घाट पर तकरीबन 2500 व्रती करती हैं व्रत
जीवन रक्षा समाजसेवी संगठन के सदस्य राजेश महतो बताते हैं कि सिकंदरपुर के सीढ़ी घाट पर तकरीबन 2500 व्रती व्रत करती हैं. हमारे संगठन का प्रयास रहता है, छठ पर्व करने वाली माताएं-बहनों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो. संध्या अर्घ्य के बाद होने वाली गंगा आरती हमारे संगठन के सभी कार्यक्रमों का विशेष कार्यक्रम रहता है.

सीढ़ी घाट के किनारे विशेष शिवलिंग की भी होती है पूजा
बता दें कि सीढ़ी घाट के किनारे एक विशेष शिवलिंग की भी पूजा की जाती है. यह शिवलिंग मूल रूप से बाबा गरीब स्थान मंदिर में रखा हुआ आर्टिफिशियल शिवलिंग है. आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कुमार चौधरी बताते हैं कि इस दिन गंगा आरती के पूर्व शिवलिंग की विशेष पूजा अर्चना व श्रृंगार किया जाता है. इस शिवलिंग की ऊंचाई तकरीबन 3 फीट की है. नगरवासी इस शिवलिंग के माध्यम से भगवान महादेव के प्रतीकात्मक रूप को प्रणाम कर गंगा आरती के दर्शन करते हैं.



