मुजफ्फरपुर : छठ महापर्व के अवसर पर शुक्रवार को डीएम प्रणव कुमार व पुलिस अधीक्षक जयंतकांत द्वारा शहरी क्षेत्र के अंतर्गत स्थित छठ पर्व के लिए चिन्हित नदी घाटों व सीढ़ी घाट, अखाड़ाघाट, आश्रमघाट आदि का निरीक्षण किया।
घाटों के निरीक्षण के दौरान डीडीसी, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, एसडीओ पूर्वी, नगर पुलिस उपाधीक्षक, डीपीआरओ, अपर नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक, अंचलाधिकारी व थानाध्यक्ष व पूजा समिति के पदधारक उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान छठ घाटों पर चल रही तैयारियों का संयुक्त रूप से जायजा लिया गया। सर्वप्रथम सीढ़ी घाट, अखाड़ाघाट व आश्रम घाट का निरीक्षण एसडीआरएफ वोट द्वारा किया गया।
इस दौरान डीएम ने नगर आयुक्त, बुडको के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि नदी और सीढ़ी के बीच वाले भाग को गुणवत्ता के साथ समतलीकरण और नदी में सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से मजबूत बैरीकेडिंग करा दिया जाए।
वहीं घाट पर यह सूचना भी चस्पा दिया जाए कि बैरीकेडिंग के आगे जाना खतरनाक होगा। इसलिए सभी छठव्रती बैरीकेडिंग के अन्दर ही सुरक्षित ढंग से सूर्योपासना का पर्व मनाएं।
छठ घाट के पास उपर्युक्त स्थल पर चेजिंग रूम, वॉच टॉवर, यूरीनल आदि की व्यवस्था की गयी है। सीढ़ी घाट तक आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन पार्किंग की व्यवस्था डीआरसीसी के परिसर में किया गया है।
सभी छठ घाटों पर नियंत्रण कक्ष एवं आवश्यक संख्या पब्लिक ऐडरेस सिस्टम की व्यवस्था भी की जाएगी। छठ पर्व के अवसर पर समाहरणालय परिसर स्थित पीआईआर एवं घाटों पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है, नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी दिनांक 29.10.2022 के अपराह्न 02.00 बजे से दिनांक 31.10.2022 के पूर्वाह्न 10.00 बजे तक कार्यरत रहेगें।
जिला नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या- 2212377 एवं 2216275 है। सभी छठ घाटों पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था करने एवं जर्जर पोल, तार आदि को दुरूस्त करने का निर्देश दिया गया।
छठ घाटों पर पर्याप्त संख्या में नाव, नाविक, लाईफ जैकेट, एसडीआरएफ की टीम, महाजाल एवं गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। त्यौहार के दिन केवल प्रशासन द्वारा अधिकृत नावों का ही परिचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
छठ पर्व के अवसर पर निजी नावों के परिचालन को बिल्कुल प्रतिबंधित माना जाएगा। छठ घाटों पर यह सावधानी बरती जाएगी कि छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं तथा अन्य लोग नदी में नौकाविहार न करें। इसके लिए जिले में कुल 192 दंडाधिकारियों को प्रतिनियुक्त की गयी है।


