पटना। दीपावली से छठ पूजा तक की अवधि पटना के चो’रों के लिए असली फेस्टिव सीजन होती है। इस अवधि में पटना के चो’रों ने हर साल की तरह इस साल भी दो करोड़ रुपए से अधिक का मा’ल साफ कर लिया है। अभी यह आंकड़ा और बढ़ेगा, क्योंकि जैसे-जैसे लोग अपने गांव से लौट रहे हैं, वैसे चोरी के नए मामले सामने आ रहे हैं।
पटना के चो’रों ने दिवाली और छठ के दौरान पटना पुलिस के दावों की पो’ल खोल दी। पुलिस कप्तान डा. मानवजीत सिंह ढिल्लों ने दावा किया था कि चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए थाने के गश्ती वाहन 24 घंटे भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया गया है। डायल 112 की टीम भी मोहल्लों में ग’श्त लगाती रहेगी। बावजूद इसके डेढ़ दर्जन से ज्यादा घरों से दो करोड़ रुपये से अधिक का मा’ल पार हो गया।
शि’कायतों की संख्या बढ़ती जा रही है, मगर एक भी घ’टना में पुलिस को सफलता नहीं मिल सकी। यहां तक कि कुछ वा’रदातों के बाद घ’टनास्थल पर लगे सीसी कैमरों के फुटेज में चोरों के चे’हरे भी कै’द हो गए थे पर अब तक उनकी पहचान नहीं हो पाई। यह समस्या हर बार खड़ी होती है।
एक अधिकारी के अनुसार, पर्व-त्योहारों में दूसरे राज्यों के चोर भी सक्रिय हो जाते हैं। दिवाली से छठ तक के बीच पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और उत्तरप्रदेश के फैजाबाद गिरोह भी पटना शहर में वारदातें कर चुका है। इस गि’रोह की खासियत है कि वे टोली बनाकर यहां आते हैं, फिर टुकड़ों में बंट कर एक साथ कई घरों को निशाना बनाते हैं।
मोतिहारी के घोड़ासहन गिरोह का अब पटना से खात्मा हो चुका है। हालांकि, कई नए गिरोह सक्रिय हो गए हैं। उनमें से कई शातिरों का आपराधिक इतिहास नहीं है। इसी वजह से फुटेज मिलने के बाद भी पुलिस उनकी पहचान नहीं कर पाती।
सेवानिवृत डीआइजी विनोद कुमार समेत तीन घरों में चोरियां करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड को दबोचने के बाद सिटी एसपी (मध्य) अम्बरीश राहुल ने लोगों से अपील की थी कि वे घर खाली छोड़कर जाने से पहले स्थानीय थाने को सूचित कर दें, ताकि उनके मोहल्ले में गश्ती बढ़ा दी जाए।
गृहस्वामी पड़ोसी या गार्ड को भी सूचना देकर बाहर जाएं। इससे उनके बंद घर की निगरानी होती रहेगी। मगर, लोग सिटी एसपी के अनुरोध को भूल गए। गौरतलब है कि जिले में सर्वाधिक चोरियां शहर के मध्य इलाके में ही हुई। पाटलिपुत्र, शास्त्री नगर, हवाई अड्डा, एसके पुरी, कदमकुआं समेत अन्य थानों में चोरी की अधिसंख्य शिकायतें मिलीं।

