गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के वकीलगंज स्थित बिना निबंधन के संचालित आस्था नर्सिंग होम से दो जुड़वा बच्चों की चोरी हुई थी। इस मामले में आरोपित ग्रामीण चिकित्सक श्रवण कुमार को डोभी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़िता के बयान पर चिकित्सक पर प्राथमिकी की गई थी। जिसमें बताया गया कि तीन नवंबर को वह उक्त नर्सिंग होम में जांच कराने आई थी, जहां पर उन्होंने दो जुड़वां बच्चे को जन्म दिया। उसके बाद चिकित्सक ने महिला मरीज को बेहोशी का इंजेक्शन दिया जिससे वह पूरी रात बेहोश रही। इसी दौरान मेरे बच्चे को चिकित्सक के द्वारा चोरी कर लिया गया। पीड़िता अपने परिजन को लेकर जब बच्चा मांगने आई तो चिकित्सक ने बच्चा देने से इंकार कर दिया।
महिला कोर्ट में 164 का बयान होगा दर्ज
इधर, थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि बच्चा चोरी के साथ महिला ने चिकित्सक पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। इस बाबत बच्चा बरामदगी को लेकर संभावित ठिकाने पर छापेमारी की जा रही है। तत्काल महिला और गिरफ्तार चिकित्सक को महिला थाना गया भेज दिया गया है। जहां दुष्कर्म को लेकर पूछताछ हो रही है। घटना के बाद से नर्सिंग होम बंद है।सभी स्टाफ फरार है। चिकित्सक की गिरफ्तारी के बाद बच्चे की बरामदगी की संभावना बढ़ गई है। पीड़िता के साथ उनके पति और अन्य परिजन भी गए हैं। महिला थाना के बाद महिला कोर्ट में 164 का बयान दर्ज किया जाएगा। आरोपित चिकित्सक को पूछताछ के लिए डोभी थाना लाया जाएगा।
क्या होता है 164 का बयान
सीआरपीसी धारा-164 के तहत बयान दर्ज करते समय मजिस्ट्रेट यह पूछता है कि गवाह पर कोई दबाव तो नहीं है। गवाह बताता है कि वह अपनी मर्जी से बयान दे रहा है, तब मजिस्ट्रेट उसे कलमबंद करता है। कई बार ट्रायल के दौरान गवाह आरोप लगाता है कि पुलिस ने जबरन बयान दर्ज किया है, लेकिन मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान से उसके लिए मुकरना आसान नहीं होता।




