…तो क्या तेजस्वी यादव के पीछे पड़ गए हैं ओवैसी? गोपालगंज, कुढ़नी के बाद अब यहां दिया झटका!

पटना. बिहार में राजद के सबसे प्रमुख वोट बैंक माई (MY) यानी मुस्लिम-यादव समीकरण में से एक मुसलमानों के बीच ओवैसी की पार्टी का बढ़ता झुकाव मुसीबत खड़ी करने वाली है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी AIMIM ने बिहार में हुए उपचुनाव के दौरान गोपालगंज चुनाव में राजद की हार की सबसे बड़ी वजह बनी. इसके बाद AIMIM ने कुढ़नी में हो रहे उपचुनाव में उतरने का ऐलान किया. इसके बाद अब AIMIM ने पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में भी एंट्री मार ली है. पीयू छात्र संघ चुनाव में पहली बार ओवैसी की पार्टी की एंट्री होती दिख रही है.

बिहार में तेजस्वी की पार्टी राजद के वोट बैंक में सेंधमारी कर रही ओवैसी की एआईएमआईएम. दरअसल, पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में पहली बार AIMIM समर्थित शबा कुतुब को उपाध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया गया है. ऐसे में AIMIM के इस कदम से आरजेडी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. गौरतलब है कि पटना विश्वविद्यालय के छात्र चुनाव में राजद छात्र संगठन या फिर AVBP का मजबूत दबदबा रहा है. ऐसे में अगर AIMIM अपना उम्मीदवार खड़ा करता है तो तेजस्वी की पार्टी राजद मुश्किलें बढ़ेंगी क्योंकि उसका आधार वोट भी वही है जिसकी दावेदार अब ओवैसी पार्टी भी बनकर उभरी है.

AIMIM के विधायकों को तोड़ने के बाद ओवैसी हमलावर
दरअसल, बिहार में जब एनडीए सरकार में बीजेपी और जेडीयू साथ-साथ थी उस समय विधानसभा सत्र के दौरान ही तेजस्वी ने AIMIM के पांच में चार विधायकों को तोड़कर अपने पार्टी में मिला लिया था. AIMIM के चारो विधायकों के राजद खेमे में चले जाने के बाद राजद विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई थी. AIMIM के विधायकों के टूटने के बाद ओवैसी को बड़ा झटका लगा था.

राजद के मुस्लिम वोट बैंक के लिए बड़ा खतरा साबित होंगे!
इसके बाद से ही ओवैसी की पार्टी राजद पर लगातार हमलावर है. अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम बिहार में मुस्लिम वोटबैंक पर पकड़ मजबूत कर तेजस्वी यादव की पार्टी राजद को झटका देने की कोशिश में है. गोपालगंज उपचुनाव के नतीजों को देखे तो साफ पता चलता है कि AIMIM द्वारा मुस्लिम वोटबैंक में सेंधमारी के कारण राजद उम्मीदवार की हार हुई थी. ऐसे में कहा जा रहा है कि आने वाले समय में तेजस्वी के लिए ओवैसी नई चुनौती बनकर उभरने वाले हैं.

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