दरभंगा:छोले-भटूरे का स्वाद सभी लोगों ने चखा होता है. लेकिन बिहार के दरभंगा में जो छोला भटूरा मिलता है उसका स्वाद कमाल है. इतना लाजवाब स्वाद है कि चिकन-मटन पर भी भारी है. मात्र 2 घंटे में 100 प्लेट खत्म हो जाती है. दरभंगा के लहरियासराय स्थित बाकरगंज में यह दुकान 20 वर्षों से चल रही है. बाकरगंज में कुणाल सिर्फ 2 घंटे ही दुकान चलाते हैं. कुणाल बताते हैं कि मेरे यहां का छोला बिल्कुल मटन स्टाइल में बनता है. क्वालिटी अच्छी और साफ-सुथरी होने के कारण ग्राहकों की यहां भीड़ लगी रहती है.
कैसे बनाते हैं यहां के कारीगर छोला भटूरा
यहां के कारीगर अनिल कुमार और प्रोपराइटर कुणाल कुमार बताते हैं कि भटूरे में यहां सिर्फ मैदा, दही और हल्का सा बेकिंग पाउडर उपयोग किया जाता है. वहीं छोले में काबुली चना, प्याज आदि का पेस्ट, लहसुन का पेस्ट, गरम मसाला, मीट मसाला, जीरा, तेजपत्ता, हरी मिर्च, हल्दी , धनिया पाउडर इत्यादि सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है.

रोजाना 100 प्लेट की है खपत 2 घंटे में
बाकरगंज स्थित कुणाल के इस छोला भटूरा स्टॉल का स्वाद दुकान के सामने से गुजरने वाले हर व्यक्ति के जहन में उतर जाता है. सुबह का नाश्ता लोग यहां करना चाहते हैं. यहां के कारीगर बताते हैं कि रोजाना यहां पर 80 प्लेट 2 घंटे में लोग खा लेते हैं. वहीं 20 से भी अधिक प्लेट लोग अपने घरों के लिए पार्सल करवा कर ले जाते हैं.
20 वर्षों से चला रहे हैं दुकान
लहरिया सराय स्थित बाकरगंज में लगभग 20 वर्षों से यह दुकान इमरती हाउस के नाम से चल रही है. यहां पर सुबह में सिर्फ 2 घंटे के लिए नाश्ते का आइटम छोला भटूरा बनाया जाता है. अगर आपको इस दुकान पर भीड़ में नहीं लगना है और अपना पार्सल जल्द पैक करवाना हो तो आप इन नंबर पर 8340442358 कॉल कर सकते हैं. अपना पार्सल पैक करवा सकते हैं. ध्यान रहे की लेने के लिए आपको खुद आना होगा.
यहां के छोले भटूरे की ग्राहक भी करते हैं तारीफ
सुबह का नाश्ता करने आए छोला भटूरा ग्राहक रणधीर , यहां रहने वाले छात्रों का कहना है कि यहां रहकर हम लोग पढ़ाई करते हैं. सुबह में पढ़ाई के कारण नाश्ता बनाने में देर हो जाती है. तो हम लोग यहीं पर आकर नाश्ता कर लेते हैं. काफी टेस्टी और स्पाइसी छोला भटूरा यहां का रहता है. वह भी मात्र ₹30 में मिलता है. इससे हमारी पढ़ाई भी नहीं रुकती है. नाश्ता बनाने में समय भी बर्बाद नहीं होता है. सेहत का ख्याल रखते हुए यहां सप्ताह में दो से तीन दिन हम लोगों का नाश्ता हो ही जाता है.
