मुजफ्फरपुर : वाहनों की बेलगाम र’फ्तार लोगों की जा’न ले रही है। स्पीड की जांच के लिए या’तायात पुलिस को मिली स्पीड गन बेजान है। या’तायात पुलिस द्वारा वाहनों की स्पीड की जांच नहीं की जा रही। वाहन जांच ड्रा’इविंग ला’इसेंस, आनर कार्ड, इंश्योरेंस आदि तक ही सिमट कर रह गई है।
यह जांच भी रुपये की उगाही तक ही दिखती है। पिछले दिनों परीक्षा के लिए निकले दो छात्रों को जमालाबाद विश्वकर्मा चौक से आगे ते’ज आ रही पिकअप ने ध’क्का मा’र दिया। इससे दोनों छात्र बुरी तरह से जख्मी हो गए। एक की उपचार के दौरान मौ’त हो गई।
सिवाईपट्टी के पास खाद लाने जा रहे एक युवक को तेज र’फ्तार से आ रही मोटरसाइकिल ने ठोकर मा’र दी। युवक के सिर पर गंभीर चो’ट लगी। उपचार के दौरान उसने पटना में दम तोड़ दिया। यह चंद उदाहरण महज बानगी हैं।
एनएच व एसएच पर अधिकतर हादसों की वजह वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार है। इससे किसी की जिंदगी अ’पंग हो रही तो किसी की जान जा रही। वहीं, परिवहन एवं पुलिस विभाग का’र्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।





