मुजफ्फरपुर : समाहरणालय सभागार में महालेखाकार(लेखा परीक्षा) बिहार द्वारा आयोजित लेखा परीक्षा कार्य के संपादन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न हुआ।
डिप्टी महालेखाकार पुष्पलता तथा महालेखाकार कार्यालय से आए अन्य अधिकारीगण इस जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित हुए। ऑडिट आउटरीच से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम जिले के सभी डीडीओ भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डीएम प्रणव कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन आज निश्चय ही प्रासंगिक है। बिहार सरकार द्वारा सूबे के दो जिलों में जागरूकता सप्ताह ऑडिट आउटरीच मनाने का निर्णय लिया गया है जिसमें एक मुजफ्फरपुर दूसरा जहानाबाद है।
उन्होंने ऑडिट के महत्व को बताते हुए कहा कि पब्लिक सेक्टर में यह और भी आवश्यक और महत्वपूर्ण हो जाता है जहां कई स्तर पर निर्णय लेने की बात होती है।
नियमों और दायित्वों के साथ वित्तीय कार्यो का अनुपालन करने में यदि कोई दिक्कत होती है तो इसके निष्पादन में इस तरह की जागरूकता कार्यक्रम सराहनीय है।
ऑडिट के विस्तृत आयाम है सरकार द्वारा सोशल ऑडिट कराये जाते है। ऑडिट सत्यापन के बाद कार्य प्रणाली में संतुष्टी और पुष्टी होती है। डिप्टी महालेखाकार पुष्पलता ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 16 नवंबर को ऑडिट दिवस मनाया जाता है।
जिससे हमलोग वित्तीय परिनियमों में और अत्यधिक जागरूक होते है। कार्यक्रम का कार्यक्रम का संयोजन नोडल पदाधिकारी के रूप में जिला लेखा पदाधिकारी मो. वैसुर रहमान अंसारी ने किया।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता अजय कुमार, अपर समाहर्ता राजस्व संजीव कुमार, निदेशक डीआरडीए चंदन चौहान, एसडीओ पूर्वी, पश्चिमी, डीएसपी मुख्यालय सहित जिला स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।



