अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना में जल्द ही हृदय, किडनी और न्यूरोलॉजी विभागों में मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा। मंगलवार को एम्स पटना में 82 नए डॉक्टर मिलने के बाद यह जानकारी निदेशक डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल ने दी। रात 11:30 बजे तक सभी नए डॉक्टरों के नियुक्ति पत्र पर निदेशक ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। जल्द ही सभी डॉक्टर योगदान दे देंगे।
किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट शुरू करने की तैयारी
निदेशक ने कहा कि डाक्टर मिलने के बाद अब वे बहुप्रतीक्षित किडनी और लिवर प्रत्यारोपण की तैयारी कर रहे हैं । सबसे दुखद इमरजेंसी ट्रामा सेंटर के रिक्त पदों के लिए विशेषज्ञ नहीं मिलना रहा। पटना समेत आसपास के जिलों से तमाम गंभीर होगी एम्स पटना आते हैं लेकिन बेड की कम संख्या के कारण बहुत से रोगियों को मायूस लौटना पड़ता है। बेड मिलने की आस में इंतजार करने के क्रम में कई रोगियों की मौत भी हो जाती है। अब जनवरी में नए डॉक्टर मिलने के बाद ही ट्रामा और इमरजेंसी में सुधार हो सकेगा।
निदेशक डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल ने खुद माना कि इमरजेंसी रोगियों के लिए सामान्य के साथ आईसीयू बेड की भारी कमी है। लेकिन जब तक ट्रामा इमरजेंसी के लिए स्वीकृत सभी पद नहीं भर जाते, बेड की संख्या नहीं बढ़ाई जा सकती है । जनवरी में शेष 91 पदों पर दोबारा नियुक्ति होगी इसके बाद ट्रामा इमरजेंसी को सुदृढ किया जाएगा।
सभी पद भरने तक चलती रहेगी नियुक्ति प्रक्रिया
निदेशक ने बताया एम्स पटना को 173 पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति करनी है। इसके लिए रोलिंग विज्ञापन निकाला गया था। पहले चरण में 82 डॉक्टर मिले हैं शेष 91 डॉक्टरों की रिक्तियां दिसंबर तक पुनः अपडेट हो जाएंगी और बिना विज्ञापन निकाले जनवरी में डॉक्टरों की नियुक्ति कर ली जाएगी।





