पटना. अपनी बेबाकी और विवादितों बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने एनआरसी , कॉमन सिविल कोड और जनसंख्या नियंत्रण कानून पर फिर से बयान दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि इन कानून को लागू करने की बीजेपी और सरकार के नहीं, बल्कि देश की तैयारी होनी चाहिए. यह सब कानून देश के लिए जरूरी हैं क्योंकि भारत में पूरी दुनिया की आबादी का 18 से 20 प्रतिशत है. यहां जनसंख्या के हिसाब से जमीन और पानी कम हैं.

सभी संसाधन सीमित है. केरल, कश्मीर, बंगाल और पूर्वांचल जैसे राज्यों में कड़े कानून लाने की जरूरत है. ऐसा कड़ा कानून हो, जो हिंदू, मुस्लिम, सिख ईसाई सभी धर्मों पर लागू होना चाहिए. जो यह कानून नहीं माने, उन्हें सरकारी सुविधाओं से अलग किया जाए .उनकी वोटिंग राइट समाप्त कर दी जानी चाहिए, तभी देश में लोग इन कानूनों के लागू होने के बाद उसे मानेंगे और इस पर अमल करेंगे . गिरिराज सिंह ने कह कि वोट के सौदागरों ने देश को धर्मशाला बना दिया है .

बिहार में महागठबंधन और विपक्षी पार्टियों के विरोध पर गिरिराज सिंह ने कहा कि महागठबंधन यदि चाहे कि हम आग लगा दें तो जनता उन्हें आग लगाने नहीं देगी . देश महागठबंधन और सरकार से नहीं चलता हैं.देश समस्या और उसके समाधान से चलता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हर चीज वोट और धर्म की नजर से ना देखें.

राहुल गांधी पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा और कहा कि “जो आदमी अपनी ही पार्टी को तबाह कर रहा है, वह कैसे बर्बाद करने की बात कर सकता है.” दरअसल राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि वह उन्हें नष्ट करने के लिए करोड़ों खर्च करते हैं. उनके इसी बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की ये प्रतिक्रिया आई है. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार को मुस्लिम समुदाय से कोई नफरत नहीं है, लेकिन कट्टरपंथी समाज में नफरत फैलाते हैं. उन्होंने कहा, “मैंने उन गांवों का दौरा किया है जहां पसमांदा मुस्लिम छठ पूजा करते हैं. मैंने बार-बार कहा है कि हमें मुसलमानों से कोई नफरत नहीं है. यह कट्टरपंथी हैं जो समाज में जहर फैलाते हैं. ओवैसी जैसे लोग देश के लिए खतरनाक हैं.”




