मुजफ्फरपुर के इस मंदिर में महादेव के पक्षी रूप की होती है पूजा, जानें इतिहास

मुजफ्फरपुर. महादेव अपने भक्तों को किसी न किसी रूप में दर्शन देते हैं. उनके हर रूप में भक्तों का उद्धार किया है. ऐसा ही एक रूप मुजफ्फरपुर में भी है. बिहार के मुजफ्फरपुर के बंदरा प्रखंड अंतर्गत मुतलूपुर के प्रसिद्ध ‘खगेश्वर नाथ मंदिर’ में रोजाना हजारों श्रद्धालुओं की दर्शन के लिए भीड़ लगती है. इस मंदिर की कई पौराणिक कथाएं भी हैं. रामायण काल से भी इस मंदिर का मजबूत संबंध के प्रमाण दिए जाते हैं. जबकि सावन के महीने में और शिवरात्रि में प्रशासन के लिए यहां भीड़ कंट्रोल करना एक बड़ा टास्क हो जाता है.

मुजफ्फरपुर के इस मंदिर में महादेव के पक्षी रूप की होती है पूजा, जानें इतिहासमुजफ्फरपुर का खगेश्वर नाथ मंदिर के बारे में पुराण में भी जिक्र है. वहीं, गीताप्रेस गोरखपुर ने भी अपने विशेषांक कल्याण और शिवांक में भी इसकी विस्तार से चर्चा की है. बाबा खगेश्वर नाथ महादेव मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष गोपाल त्रिवेदी ने बताया कि इस मंदिर में बाबा खगेश्वर नाथ को जल चढ़ाने से मनुष्य की सभी मनोमकामना पूरी होती है. वह आगे कहते हैं कि इस मंदिर का जिक्र रामायण के एक प्रसंग से भी है. जब भगवान राम नाग पाश में जकड़ गए तो गरुड़ भगवान ने प्रभु श्रीराम को नागपाश से मुक्त कराया. इसके बाद गरुड़ भगवान को स्वयं के भगवान होने का अभिमान हो गया कि उन्होंने भगवान को मुक्त कराया और वो अधिक शक्तिशाली हैं. गरुड़ भगवान का यही अहंकार तोड़ने ने के लिए भगवान शंकर ने मुतलूपुर के इसी स्थान पर गरुड़ भगवान को दर्शन दिए. पक्षियों में संत काग भिसुंडी से मिलने भेजा.

राम नाथ कोविंद और मोहन भागवत चुके हैं दर्शन
बाबा खगेश्वर नाथ महादेव मंदिर न्यास समिति के वैद्यनाथ पाठक ने बताया कि जिस तरह नेपाल में भगवान शंकर का पशुपति नाथ मंदिर है. जो भगवान शंकर के पशुओं के नाथ की मान्यता है. वैसे ही मुजफ्फरपुर के मुतलूपुर के इस मंदिर में भगवान शंकर का रूप खग यानी पक्षियों के नाथ के नाथ हैं. जबकि मुजफ्फरपुर के मुतलूपुर के खगेश्वर नाथ मंदिर में दर्शन के लिए भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ गोविद उस वक्त आए थे, जब वो राज्यपाल थे. उनके अलावा इस मंदिर में दर्शन के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत और प्रसिद्ध संत रामभद्राचार्यजी महराज भी आ चुके हैं.

 

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