कुढ़नी में वोटिंग जारी, दांव पर लगी महागठबंधन और बीजेपी की प्रतिष्ठा….

मुजफ्फरपुर. 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव को बिहार की सियासत के लिए सेमीफाइनल माना जा रहा है. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कुढ़नी का चुनाव परिणाम बिहार की सियासत को प्रभावित कर सकता है. यही वजह है कि एनडीए और महागठबंधन ने जीत हासिल करने के लिये पूरी ताकत झोंक दी है. कुढ़नी में वोटिंग के दौरान ये जानना बेहद जरूरी है कि बिहार की सियासत को कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव का परिणाम कैसे प्रभावित कर सकता है.

बिहार में कुढनी उपचुनाव के लिये सोमवार को वोट डाले जा रहे हैं (फाइल फोटो, सौजन्य से तेजस्वी यादव फेसबुक अकाउंट)

दरअसल कुढ़नी विधान सभा चुनाव में लगातार कैंप कर रहे जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने चुनाव प्रचार के दौरान ये बयान दिया था कि कुढ़नी का चुनाव लोकसभा चुनाव के पहले सेमीफाइनल है. इसकी जीत हार से असर तो पड़ेगा ही. ललन सिंह के इसी बयान से समझा जा सकता है कि कुढ़नी का परिणाम बिहार में तमाम राजनीतिक दलों के लिए क्या महत्व रखता है. कुढ़नी में महागठबंधन ने जदयू की तरफ से मनोज कुशवाहा को अपना उम्मीदवार बनाया है यही वजह है कि महागठबंधन के उम्मीदवार की जीत का दावा किया जा रहा है लेकिन अगर कुढ़नी में महागठबंधन के कोर वोटर ने थोड़ा भी आलस दिखाया या बीजेपी की तरफ झुकाव दिखाया तो ये लोकसभा चुनाव के पहले महागठबंधन के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, ख़ासकर लव कुश और अति पिछड़ा वोटरों का.

इनका झुकाव बीजेपी को लोकसभा चुनाव में बेहद मजबूत बना सकता है क्योंकि बीजेपी के पास जो उसका वोट बैंक माना जाता है वो वैश्य, सवर्ण और अति पिछड़ा और कुशवाहा का है. अगर उसके साथ-साथ ये मजबूती से बीजेपी के साथ जुड़ गई तो फिर बीजेपी को रोकना आसान नहीं होगा. ऐसा नहीं है कि दांव पर सिर्फ महागठबंधन का वोट बैंक ही है बल्कि एनडीए के लिए भी ये उपचुनाव बेहद महत्वपूर्ण है.  महागठबंधन की नजर भी सवर्ण खासकर भूमिहार और राजपूत वोटरों पर मजबूती से टिकी हुई है और इन जातियों के बड़े नेताओ ने कुढ़नी में कैंप कर रखा है.

बीजेपी के वोट बैंक माने जाने वाले अति पिछड़ा और सहनी वोटर के साथ-साथ शराबबंदी की वजह से नाराज बताई जा रही दलित जातियों में सेंधमारी की कोशिश में लगी हुई है और उसकी नाराजगी को भुनाने के लिए चिराग पासवान को भी मैदान में उतार चुकी है. अगर बीजेपी अपने मकसद में सफल हो गई तो फिर 2024 उसके लिए आसान हो सकता है लेकिन तमाम नजरें कुढ़नी के वोटिंग पर टिकी हैं.

जदयू का दावा है कि कुढ़नी में तमाम जाति और धर्म का वोट मिल रहा है लेकिन जानकार बताते हैं कि महागठबंधन का जो सबसे मजबूत वोट बैंक है वो लव कुश के साथ साथ MY समीकरण ही है, जिसकी वजह से महागठबंधन जीत का दावा कर रहा है. जदयू का दावा है कि इसके अलावा भी तमाम जातियों का वोट उन्हें मिल रहा है.

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