क्या कुढ़नी हार की कहानी सही पढ़ पा रही नीतीश की पार्टी? JDU ने बताई Kudhani Defeat की ये वजह

पटना. कुढ़नी में करारी शिकस्त के बाद अब जदयू के नेता समीक्षा की बात कर रहे हैं. अलग-अलग जगहों से लोगों से फीडबैक लिया जा रहा है. इन्हीं फीडबैक के आधार पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने बड़ी बात कह दी है. वशिष्ठ नारायण सिंह ने उम्मीदवार पर ही सवाल खड़ा करते हुए कहा कि गड़बड़ी को जानकारी मिली है. मनोज कुशवाहा को छवि को लेकर लोगों की फीडबैक सही नही है.

जदयू के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कुढ़नी हार की वजह बताई. उन्होंने कहा कि मनोज कुशवाहा के इमेज ने भी चुनाव को प्रभावित किया है. लोगों ने बताया है कि हाल के दिनों में उनके जनसंपर्क में अभाव रहा है. जब वे विधायक और मंत्री थे लोगों के बीच में रहते थे, लेकिन बाद में वे लोगों से दूर होते चले गए हैं. वशिष्ट नारायण ने कहा कि स्थानीय और अन्य कारणों से जिस गांव में हमरा वोट है; वह भी हमें नहीं मिला.
बिहार शराबबंदी और ताड़ी बंदी के कारण भी लोगो में उप चुनाव के दौरान कुढ़नी में आक्रोश की बात सामने आ रही है. इस मामले को जदयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने भी माना है. उन्होंने कहा है कि ताड़ी पर प्रतिबंध से लोगों में आक्रोश की बात सामने आ रही है. नाराजगी के कारण पासी समाज के लोगों ने कुढ़नी में हमें वोट नहीं किया है. इन्हीं कारणों को लेकर वशिष्ट नारायण सिंह का कहना है कि कुढ़नी में जदयू की बड़ी हार हुई है और इसकी बड़े पैमाने पर समीक्षा की जाएगी.

जदयू के लोग हार की समीक्षा करने में जुटे हैं, लेकिन अपनी जीत पर बीजेपी काफी उत्साहित है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल ने कहा कि नीतीश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए; क्योंकि उन्होंने उन्होंने उपचुनाव में अति पिछड़ा समुदाय के लोगों के साथ धोखा किया है. महागठबंधन को लोगों ने नकार दिया है और यही हाल आगे के भी चुनाव में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव का होने वाला है.

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