मुजफ्फरपुर : जिले के तीन प्रखंडों में शिक्षिका बहाली व बच्चों के हेल्थ कार्ड बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठ’गी का खु’लासा हुआ है। मोतिहारी के सुगौली की एक स्वयंसेवी संस्था गायघाट, कटरा व मुशहरी प्रखंड में ठ’गी कर फ’रार हो गई।
तीनों प्रखंडों की सभी पंचायतों के प्रत्येक वार्ड से संस्था ने एक-एक निजी शिक्षिका बहाल की थी। इसके लिए दो हजार रुपये लिए थे। उन्हें झां’सा दिया कि उनकी सरकारी नौकरी हो जाएगी।
इन शिक्षिकाओं से कहा गया था कम से कम 60 बच्चों का नामांकन करें। सभी बच्चों का हेल्थ कार्ड बनेगा। हेल्थ कार्ड बनाने के लिए प्रत्येक बच्चे के अभिभावक से 150 रुपये लिए गए। एक साल पहले इतने बड़े पैमाने पर हुई इस ठ’गी की अबतक प्रशासन को कोई भनक नहीं थी।
शनिवार की दोपहर उक्त संस्था में सुपरवाइजर रहे गायघाट के एक युवक को मुशहरी के लोगों ने शहर के बनारस बैंक चौक पर पकड़ लिया। उससे शिक्षिका बहाली में लिए गए दो-दो हजार रुपये वापस करने के लिए कह रहे थे। इसके लिए युवक के साथ मा’रपीट की गई।
इस दौरान पहुंचे नगर थाने के गश्ती दल ने भीड़ से युवक को बचाकर थाने लाया। थाने में पूछताछ के दौरान युवक ने एक साल पहले तीन प्रखंडों में चलाए गए ठ’गी के इस रै’केट के बारे में पुलिस को जानकारी दी।
उसने बताया कि तीनों प्रखंडों में हो गए। शिक्षिका बहाली व हेल्थ कार्ड बनाने के लिए निजी संस्था ने 40 सुपरवाइजर बहाल किया था। सुपरवाइजर को छह हजार रुपये मासिक देने का भरोसा दिया था।
सभी सुपरवाइजरों ने तीनों प्रखंडों के प्रत्येक वार्ड में घू’म-घू’मकर निजी स्तर पर शि’क्षिकाओं की बहाल की शर्फुद्दीनपुर में संगठन का मुख्य कार्यालय खुला था।
दो माह के दौरान तीन प्रखंडों में सैकड़ों की संख्या में शिक्षिकाएं बहाल की गई और हजारों बच्चों के हेल्थ कार्ड बनाने के लिए शुल्क वसूले गए। इसके बाद कार्यालय बंद कर उक्त संस्था के अधिकारी फरार नगर थानेदार श्रीराम सिंह ने बताया कि युवक से पूछताछ में खुलासा हुआ है, लेकिन उसे पकड़ने वाले थाने में लिखित शिकायत नहीं की। इस कारण एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है।


