मुजफ्फरपुर. नए साल के साथ-साथ कोरोना के नए वेरिएंट ने भी दस्तक दे दी है. चीन में खौफ मचाने के बाद कोरोना के आने की सुगबुगाहट भारत में भी तेज हो गई है. इससे पहले आई दो लहरों ने कोविड-19 से लाखों लोगों की जिंदगी तबाह कर दी थी. ऐसे में वैक्सीन ने लोगों को कोरोना से बचाया. अब नए लहर के आने की सूचना के बाद फिर से वैक्सीन के बूस्टर डोज के लिए लोग सजग हो गए हैं. ऐसे में लोग वैक्सीन का बूस्टर डोज लगवाने उत्तर बिहार के सबसे बड़े शहर मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल तो पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां मुख्य दरवाजे पर ही एक पर्ची सटी है, जिस पर लिखा है, कोविशिल्ड और कोरबीवैक्स वैक्सीन उपलब्ध नहीं है.
परेशान होकर अस्पताल से लौट रहे लोग
कोरोना के आने की सूचना के बाद अब एक बार फिर से लोग बूस्टर डोज लगवाने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं. लेकिन परेशानी यह है कि जिन्होंने पहले कोविशिल्ड और कोरबीवैक्स वैक्सीन का डोज लगवाया था, उन्हें बूस्टर डोज भी उसी वैक्सीन का लगवाना है, जो कि अभी सदर अस्पताल में उपलब्ध नहीं है. हर रोज लोग अस्पताल आकर बिना डोज लगवाए लौट रहे हैं. ऐसे में मुजफ्फरपुर आने वाले समय में कोरोना के नए वेरिएंट से कैसे लड़ेगा, यह चिंता का विषय है.
सिर्फ कोवैक्सीन ही है उपलब्ध
भारत सरकार ने किशोर उम्र के लिए कोरबीवैक्स नामक वैक्सीन की उपलब्धता कराई थी. यह वैक्सीन भी सदर अस्पताल में उपलब्ध नहीं है. सदर अस्पताल के वैक्सीन कॉरिडोर तक पहुंचने वाले लोग निराश वापस लौट रहे हैं. केवल कोवैक्सीन ही उपलब्ध है, जो लोगों को लगाया जा रहा है. वैक्सीन खत्म होने के मामले पर सदर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि राज्य सरकार को चिट्ठी लिखा गया है. जल्द ही इसकी आपूर्ति की जाएगी. वैक्सीन लगाने के लिए आने वाले लोग वापस लौटकर चले जाते हैं.




