रामचरितमानस विवाद पर बदली-बदली दिख रही बिहार की राजनीति, राजद के भीतर भी खलबली!

पटना. रामचरितमानस पर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के आपत्तिजनक बयान के बाद जहां राजद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह उनके साथ खड़े हो गए हैं तो राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने शिक्षा मंत्री के कथन को गलत कहा है. शिवानंद तिवारी ने इस मुद्दे को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी असहमति जाहिर करते हुए पार्टी मुख्यालय में जगदानंद सिंह के साथ बैठे शिवानंद तिवारी ने कहा कि ‘रामचरितमानस’ पर आपत्ति जताने का पार्टी में कोई फैसला नहीं हुआ है और मैं जगदानंद सिंह के बयान से सहमत नहीं हूं.

शिवानंद तिवारी ने कहा, अगर पार्टी ने रामचरितमानस और राम पर आपत्ति जताने का फैसला किया है, तो तेजस्वी यादव की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की जानी चाहिए और तब निर्णय लिया जाना चाहिए. जहां तक मेरी जानकारी है संबंधित, राम चरित मानस और राम पर आपत्ति जताने के लिए पार्टी द्वारा ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

हालांकि, शिवानंद तिवारी ने समाजवादी डॉ. राम मनोहर लोहिया का हवाला देते हुए यह भी कहा कि, लोहिया ने कहा था कि इसमें तरफ जहां हीरा मोती के साथ कूड़ा कचरा है. कूड़ा-कचरा बुहारने के चक्कर में हीरा मोती को न बुहार लेना चाहिए और हीरा मोती खाने के चक्कर में कूड़ा कचरा नहीं खा लेना चाहिए.

वहीं, शिवानंद तिवारी के बयान के बाद शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने फिर से अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि रामचरितमानस में कुछ चौपाई ऐसे हैं, जो दलित पिछड़े को शिक्षा देने पर विरोध करता है, और ऐसे चौपाई को हटा दिया जाना चाहिए. बता दें कि जगदानंद सिंह ने शिक्षा मंत्री के बयान के साथ पार्टी का खड़े रहने की बात कही है और इस विवाद को कमंडलवादियों यानी भाजपा की साजिश करार दिया है.

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