कटिहार. नार्थ ईस्ट, बंगाल और बिहार को देश के एक प्रांत से दूसरे प्रांत तक रेलवे के माध्यम से जोड़ने में एन. एफ. रेल मंडल (NF Railway Division) का बड़ा योगदान है. लेकिन, इसके साथ एक बदनामी भी जुड़ी हुई है. यात्री सुविधाओं को लेकर बेहतर प्रबंधन के बीच, इस रेल मंडल को मादक पदार्थ तस्करी का ‘गोल्डन कॉरिडोर’ भी कहा जाता है. इसी क्रम में रेल पुलिस ने डिब्रूगढ़-लालगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन से कटिहार स्टेशन पर संयुक्त अभियान में 423 ग्राम हेरोइन के साथ एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है. हेरोइन का बाजार में अनुमानित मूल्य लगभग 50 लाख बताया जा रहा है.
गिरफ्तार हेरोइन तस्कर की पहचान काजल के रूप में हुयी है. रेलवे पुलिस द्वारा पूंछताछ करने पर काजल ने खुद को मुज्जफरपुर का रहने वाला बताया है. उसने यह भी कबूल किया है कि तस्करी के इस खेप को उसे दीमापुर में कोई दिया था और उसे इस खेप को डिब्रूगढ़ से मुजफ्फरपुर तक किसी खास आदमी को देना था. इस पूरे काम के एवज में उसे 15 हजार रुपए मिलने तय हुए थे.
रेल एसपी डॉ संजय भारती ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि लालगढ़-डिब्रूगढ़ अवध आसाम एक्सप्रेस से गुप्त सूचना के आधार पर थ्री टायर बर्थ नंबर 10 से हेरोइन के साथ एक महिला की सफर करने की सूचना पुलिस को मिली थी. जिसके बाद कटिहार स्टेशन पर महिला कांस्टेबल के माध्यम से जब उसका जांच करवाया गया है तो महिला के शरीर में बंधी हुई हेरोइन की पोटली मिली. लगभग 423 ग्राम सफेद पाउडर वाला हेरोइन की जब्ती के बारे में रेल एसपी ने कहा कि यह कटिहार रेल पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है.
रेल आरपीएफ कमांडेंट कमल सिंह ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट से सटा यह इलाका अक्सर तस्करों के निशाने पर रहता है. लेकिन, समय-समय पर कटिहार आरपीएफ और जीआरपी ने सम्मिलित प्रयास से तस्करों के मंसूबे पर पानी फेरता रहता है. फिलहाल पहली बार हाल के वर्षों में हेरोइन के साथ महिला तस्कर की गिरफ्तारी कटिहार पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है.

रेल एसपी ने आगे कहा कि इस सफेद पाउडर के काले खेल के मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इस पर जांच जारी है. उधर हेरोइन के साथ महिला तस्कर की गिरफ्तारी को लेकर लोग रेल पुलिस की सक्रियता की तारीफ कर रहे हैं.



