मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विवि में पिछले तीन साल से टॉपरों की सूची नहीं बनी है। विवि से जुड़े लोगों ने बताया कि दीक्षांत समारोह नहीं होने से कॉलेजों से भी टॉपरों की सूची नहीं भेजी जा रही है। दीक्षांत समारोह में ही टॉपरों को सम्मानित किया जाता है। पिछले वर्ष भी राजभवन से दीक्षांत समारोह की तारीख नहीं आई, इसलिए टॉपरों को मेडल नहीं मिल सका।
विश्वविद्यालय में वर्ष 2019 में दीक्षांत समारोह हुआ था। इसके बाद दीक्षांत समारोह नहीं हुआ। परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि इस वर्ष दीक्षांत समारोह कराने के लिए राजभवन को पत्र लिखकर तारीख मांगी जायेगी।
बीआरएबीयू के कॉलेजों के प्राचार्यो ने बताया कि उनके यहां से कई छात्रों को स्नातक और पीजी की परीक्षा में काफी अच्छे अंक आये हैं। “एलएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने बताया कि टॉपरों को हर वर्ष सम्मानित किया जाता है। आरडीएस कॉलेज की प्राचार्य प्रो.अमिता शर्मा ने बताया कि परीक्षा में टॉप करने वाले छात्रों को कॉलेज में हम पुरस्कृत करते हैं।
बीआरएबीयू के टॉपरों को कैंपस से नौकरी नहीं मिलती है। बीआरबीयू में कोई प्लेसमेंट सेल का गठन नहीं किया गया है। वोकशनल कोर्स करने वाले छात्रों को भी यहां प्लेसमेंट नहीं मिलता है, जबकि यूजीसी का निर्देश है कि वोकेशनल कोर्स के छात्रों का प्लेसमेंट अनिवार्य है।
वोकेशनल कोर्स करने वाले छात्रों को 50 हजार से एक लाख रुपये तक की फीस देनी पड़ती है, इसके बाद भी छात्रों को कॉलेज या विवि से कोई नौकरी नहीं मिलती है। बीआरएबीयू के रजिस्ट्रार प्रो. राम कृष्ण ठाकुर ने बताया कि जल्द ही विवि में प्लेसमेंट सेल खोला जायेगा।


