पूर्णिया में दार्जिलिंग की एक शिक्षिका द्वारा मनचलों से बचने के लिए चलती बस से कू’दने की कहानी पूरी तरह म’नगढ़ंत निकली है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच पूरी कर ली है। पुलिस ने उक्त बस की भी पहचान कर ली और फिर स्वजन व उनके मित्रों से बात करने के बाद पूरे मामले का सच सामने आ गया। यह पूरी कहानी ही झू’ठी निकली है और महज दो घूंट शराब के लिए शि’क्षिका ने व’र्दीवालों की नीं’द उ’ड़ा दी थी।
बता दें कि दा’र्जिलिंग निवासी उक्त शिक्षिका देर रात्रि को बायसी थाना पुलिस को फोरलेन सड़क पर दालकोला चेक पोस्ट के करीब हि’जला के समीप जख्मी अ’वस्था में मिली थी। पुलिस ने पहले उसे बायसी अस्पताल में भर्ती कराया, जिसके बाद महिला को पूर्णिया जीएमसीएच रे’फर किया गया। यहां उसने पुलिस को जो बयान दिया, उसे सु’नकर पुलिस के साथ-साथ आम लोग भी स’कते में आ गये थे।
शिक्षिका ने बयान में बताया था कि वह दा’र्जिलिंग से वैशाली नौकरी के सिलसिले में गयी थी। वापस लौटने के दौरान जिस बस पर वह सवार थी, उसमें बायसी के समीप तीन-चार युवक उसमें सवार हो गये और छे’ड़खानी करने लगे। स्थिति यह हुई कि उसे अपना आबरु ब’चाने के लिए चलती बस से छ’लांग लगानी पड़ी।
पुलिस ने इस मामले में शिक्षिका के मोबाइल का सीडीआर निकाल अपना अनुसंधान शुरु किया था। इसमें बस के चालक व सह चालक के साथ-साथ उसके मौसेरे भाई सह पेशे से एएसआई के अलावा वैशाली में मौजूद उसके महिला मित्र से भी बात की। जांच में पता चला कि शिक्षिका पहले खरसियांग में कार्यरत थी। उसकी महिला मित्र ने जब वैशाली में स्कूल शुरू किया तो बतौर शिक्षिका उसे अपने स्कूल में ज्वाइन करने को कहा। इसी क्रम में वह वैशाली गई थी। इधर, शराब की आदी शिक्षिका वैशाली में शराबबंदी के कारण शराब के लिए पूरी तरह बेचैन हो गई।
महज एक दिन रहने के बाद महिला अपनी मित्र को बिना बताये मुजफ्फरपुर पहुंच गई। यहां से ओम ट्रेवल्स नामक नन एसी बस से सिलीगुड़ी के लिए रवाना हुई। शराब की तलब में बेचैन शिक्षिका ने बस में भी जमकर हंगामा किया। इस दौरान बस के स्टाफ की उसके मौसेरे भाई से भी बात हुई। पूर्णिया जीरो माइल में बस रुकने पर उसने उतरने का प्रयास किया, लेकिन बस कर्मियों ने उसे उतरने नहीं दिया।
इसके बाद शिक्षिका बस में पीछे की सीट पर जाकर बैठ गई। संभावना है कि हिजला के करीब बस के धीमी होते ही उसने बस की खिड़की से उतरने का प्रयास किया और उसी में गिरने से जख्मी हो गई। वैसे अब शिक्षिका ने पुलिस को साफ कह दिया है कि उसने जो बयान दिया था, वह सच नहीं है। अब उसे कुछ याद नहीं है।
बायसी थानाध्यक्ष ने बताया कि शिक्षिका द्वारा बस में तीन-चार युवकों द्वारा छेड़छाड़ के भय से बस से कूदने की बात पूरी तरह निराधार निकली है। शिक्षिका नशापान की आदी थी और वैशाली में शराब नहीं मिलने के कारण उनकी मन: स्थिति ठीक नहीं थी। उसने बस में भी खूब हंगामा मचाया था और बायसी व दालकोला के बीच बस की गति धीमी होने पर उतर गई या फिर खिड़की के रास्ते कूद गई थी।
