मुजफ्फरपुर : बेला औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में प्रीकास्ट नाला बनने का काम शुरू हो गया है। हालांकि, यह नाला वहां की फैक्ट्रियों की सहत से दो फीट तक ऊंचा बनाया जा रहा है। इससे उद्यमियों में रोष है। सोमवार को उद्यमियों ने बियाडा के टेक्निकल मैनेजर विजय कुमार और जूनियर इंजीनियर के साथ बात कर अपनी समस्या रखी।
उद्यमियों ने बियाडा के उपमहाप्रबंधक को पत्र लिखकर तत्काल निर्माण कार्य रोकने व फिर से डीपीआर तैयार कराकर निर्माण शुरू कराने का आग्रह किया है। मंगलवार को इसको लेकर बियाडा के अधिकारियों और उद्यमियों के बीच बैठक होगी।
उद्यमियों का कहना है कि ठेकेदार ने पूर्व से बने नाले को बंदकर दिया है और उसके ऊपर मिट्टी भरकर फिर से नाला बना रहा है। इससे उनकी फैक्ट्री की आधार की ऊंचाई नाला से नीचे हो जाएगी। फैक्ट्री का पानी नहीं निकल पाएगा। साथ ही बरसात का पानी भी फैक्ट्री के अंदर आएगा। इस बाबत फेज-2 के उद्यमी विनीत अग्रवाल ने बताया कि फेज- 12 औद्योगिक क्षेत्र में जलजमाव की समस्या उतनी नहीं रही है पर नाला की ऊंचाई बढ़ा देने से फैक्ट्री का पानी बाहर नहीं निकलेगा।
उन्होंने बताया कि तीन साल पहले सड़क निर्माण से पूर्व उनकी फैक्ट्री सड़क से दो फीट ऊंची थी। सड़क बनने के बाद यह छह इंच ऊंची रह गई है। नाला के बाद फिर से सड़क बनने पर फैक्ट्री में बरसात का पानी चला जाएगा।
उसी लेन के एक अन्य उद्यमी शिवनाथ प्रसाद गुप्ता ने बताया कि उनकी फैक्ट्री के सामने से ही निर्माण कार्य शुरू हुआ है। अभी जो नाला बनाया जा रहा है, उससे पूरी तरह उनकी फैक्ट्री में घुसने का रास्ता बंद हो गया है।
संवेदक कह रहा है कि आप फैक्ट्री की हाइट बढ़ा लीजिए। उनका कहना है कि फैक्ट्री की ऊंचाई बढ़ाना इतना आसान नहीं है, मशीन की हाइट बढ़ाने के लिए कंक्रीट का काम करना होगा जो तर्क संगत नहीं है।

